● Dr. Sarang Tanay@Madhepura.
मधेपुरा/बिहार: विश्व मानवाधिकार दिवस और लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध बीएनएमयू की अंगीभूत इकाई राजेंद्र मिश्र(आरएम) कॉलेज में जागरूकता पखवाड़ा मनाया गया।
कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस) प्रथम एवं द्वितीय इकाई द्वारा विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रभारी प्राचार्य प्रो. ललित नारायण मिश्र ने की।
उन्होंने लिंग भेद का विरोध किया तथा बताया कि आज के समाज में पुरुष एवं महिलाएं समान हैं और सभी को समान रूप से समान अधिकार से रहने का अधिकार हमारे संविधान द्वारा प्राप्त है।
राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस) के कार्यक्रम पदाधिकारी सह सेहत केंद्र नोडल डॉ. अमिष कुमार ने मानवाधिकार के फायदे और उसकी जानकारियों से स्टूडेंट्स को अवगत कराया।
डॉ. अमिष ने सेहत केंद्र के द्वारा लिंग आधारित जागरूकता पखवाड़ा को भी संबोधित करते हुए स्टूडेंट्स को बताया कि लिंग भेद गैरकानूनी है, अगर आज के समय में कोई लिंग भेद करके किसी के प्रति चाहे वह पुरुष हो अथवा महिला हो हिंसा करता है, तो उन्हें हमारे संविधान के द्वारा अनेक धाराओं से सजा मिल सकती हैं। हमारा संविधान सभी को बराबर का अधिकार देता है।
इस मौके पर डॉ. राजीव झा, डॉ. आशुतोष झा, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. रामानंद रमन, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. संजीव सिंह, डॉ. गोपाल साहू, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. प्रियदर्शनी, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. सौरभ पांडेय, डॉ. संजय परमार, डॉ. लक्ष्मण कुमार, डॉ. आनंद मिश्रा, डॉ. धनंजय सिंह, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. गौतम कुमार सहित शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।।


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