◆ सारंग तनय, उप संपादक, मधेपुरा( बिहार)।
मधेपुरा: जिला मुख्यालय स्थित अम्बेडकर छात्रावास के अधीक्षक सह,टी.पी.कालेज मधेपुरा राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष सह भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के सीनेट एवं सिंडीकेट सदस्य डा.जवाहर पासवान ने कहा कि
भारतीय संविधान के निर्माता, समाज सुधारक भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस छह दिसंबर 'महापरिनिर्वाण दिवस' के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। डा.अंबेडकर दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। वे दलित समुदाय के लिए एक अलग राजनैतिक पहचान की वकालत करते रहे।देश में डॉ. अंबेडकर की याद में कई कार्यक्रम किए जाते हैं।
डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक छुआ-छूत और जातिवाद के खात्मे के लिए काफी आंदोलन किए. उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए न्योछावर कर दिया।अंबेडकर ने खुद भी उस छुआछूत, भेदभाव और जातिवाद का सामना किया है, जिसने भारतीय समाज को खोखला बना दिया था।
डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के छोटे से गांव महू में हुआ था. उनका परिवार मराठी था और मूल रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के आंबडवे गांव से था. उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था. वे अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान थे. बाबा साहब का जन्म महार जाति में हुआ था जिसे लोग अछूत और निचली जाति मानते थे।अपनी जाति के कारण उन्हें सामाजिक असमानता का सामना करना पड़ा. प्रतिभाशाली होने के बावजूद स्कूल में उनको अस्पृश्यता के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।उन्होंने सावित कर दिया की मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से बड़ा होता हैं ।बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी इनके बताये शिक्षित बनो,संगठित हो,संघर्ष करो को अपने जीवन में आत्मसात कर।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलसचिव BNMU, प्रोफेसर सचिनद्र महतो ने कहा कि बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर अपने जीवन में बहुत सी यातनाए झेलने के बाद भी संविधान में सबको बराबरी का अधिकार दिये ये इनकी सबसे बड़ी महानता है ।
विशिष्ट अतिथि के रूपमें
सुभाष पासवान ने कहा कि अगर देश में कोई भी केंद्र सरकार संविधान के अनुसार कार्य करते तो हमारा देश आज विकासशील नहीं विकसित देशों में शुमार होता।
संचालन छात्रनायक राजहंस राज उर्फ मुन्ना ने की डा.अरविंद पासवान ,राजकुमार रजक, सुभाष कुमार सुमन, विकास कुमार पासवान, सनोज कुमार, सोरेन, नीतीश, चंदन, पिंटू, राजन, दीपक, विनोद, कुंदन, प्रिंस, शिवम्, अमित, विनीत, अनिल , सुनील, संतोष, ललन, सत्यम, सुदर्शन, पप्पू, विकास, सन्नी, गौरव, विभंजन, रौशन, मोहन एवं समस्त छात्रगण इत्यादि उपस्थित थे।


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