मंगलवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के नागेंद्र झा स्टेडियम में 9वां दीक्षांत समारोह में बिहार के कुलाधिपति लाल जी टंडन द्वारा डिग्री धारी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसी दौरान 9वें दीक्षांत समारोह में पीजी 2016-18 सत्र के सफल छात्र मधेपुरा के सुनीत कुमार "साना" को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया. सम्मानित छात्र
ड्रामा (नाटक) विषय से इस वर्ष प्रथम श्रेणी से उतीर्ण हुए हैं. साथ ही उन्होंने टॉप 10 में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. बताते चलें कि सुनीत स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने पूर्व से ही
रंगकर्म के क्षेत्र में लगातार काम कर अपने जिला एवं बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं. डिग्री प्राप्त करते हुए बताया कि नाटक में डिग्री नहीं रहने के कारण रंगकर्म क्षेत्र में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने बताया कि डिग्री प्राप्त करने के बाद हमारी ऊर्जा के एक नई उड़ान मिली है.
मै अब नई ऊर्जा के साथ रंगकर्म एवं संगीत के क्षेत्र में लगातार बेहतरीन काम कर अपने जिला और विश्वविद्यालय के साथ-साथ बिहार का नाम रोशन करने का काम करूंगा. ज्ञातव्य हो की सुनीत टॉप 10 में आठवा स्थान पाकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. दरअसल, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बिहार का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहां से नाट्य विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई होती है. सुनीत इससे पूर्व संगीत से डिप्लोमा लेकर पिछले 13 वर्षों से अपने क्षेत्र में काम करना है. सुनीत मधेपुरा में वर्तमान समय में प्रांगण रंगमंच मधेपुरा के साथ जुड़कर नाटक के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इससे पूर्व में भी कई रंगमंच के साथ जुड़कर काम करने का अवसर प्राप्त हुआ है. उन्होंने अब तक 4 दर्जन से अधिक नाटक में अभिनय कर चूंके है साथ ही कई नाटकों में संगीत देना का भी अवसर मिला है. मौके पर संगीत एवं नाट्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर लावण्या कीर्ति सिंह काव्या एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पुष्पम नारायण ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की. वहीं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली संस्था प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष प्रो. संजय परमार, सचिव अमित आनंद सहित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सुमित की इस सफलता से भूरी प्रशंसा की.
ड्रामा (नाटक) विषय से इस वर्ष प्रथम श्रेणी से उतीर्ण हुए हैं. साथ ही उन्होंने टॉप 10 में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. बताते चलें कि सुनीत स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने पूर्व से ही
रंगकर्म के क्षेत्र में लगातार काम कर अपने जिला एवं बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं. डिग्री प्राप्त करते हुए बताया कि नाटक में डिग्री नहीं रहने के कारण रंगकर्म क्षेत्र में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने बताया कि डिग्री प्राप्त करने के बाद हमारी ऊर्जा के एक नई उड़ान मिली है.
मै अब नई ऊर्जा के साथ रंगकर्म एवं संगीत के क्षेत्र में लगातार बेहतरीन काम कर अपने जिला और विश्वविद्यालय के साथ-साथ बिहार का नाम रोशन करने का काम करूंगा. ज्ञातव्य हो की सुनीत टॉप 10 में आठवा स्थान पाकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. दरअसल, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बिहार का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहां से नाट्य विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई होती है. सुनीत इससे पूर्व संगीत से डिप्लोमा लेकर पिछले 13 वर्षों से अपने क्षेत्र में काम करना है. सुनीत मधेपुरा में वर्तमान समय में प्रांगण रंगमंच मधेपुरा के साथ जुड़कर नाटक के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इससे पूर्व में भी कई रंगमंच के साथ जुड़कर काम करने का अवसर प्राप्त हुआ है. उन्होंने अब तक 4 दर्जन से अधिक नाटक में अभिनय कर चूंके है साथ ही कई नाटकों में संगीत देना का भी अवसर मिला है. मौके पर संगीत एवं नाट्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर लावण्या कीर्ति सिंह काव्या एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पुष्पम नारायण ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की. वहीं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली संस्था प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष प्रो. संजय परमार, सचिव अमित आनंद सहित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सुमित की इस सफलता से भूरी प्रशंसा की.



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