● Dr. Sarang Tanay@Madhepura.
मधेपुरा/बिहार: बिहार सरकार के प्रस्तावित 'बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026' के विरोध में विश्वविद्यालय और कॉलेज के शिक्षक-कर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। आज बीएनएमयू समेत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के शिक्षक-कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान सभी विश्वविद्यालय मुख्यालय पर एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बीएनएमयू के सभी विभागों, कार्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी इसमें शामिल होंगे।
बीएनएमयू के सीनेट सदस्य डॉ सुधांशु शेखर ने भी आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
आंदोलन के चौथे चरण में 5 सितंबर को स्टूडेंट्स से संवाद:
चौथे चरण में 5 सितंबर को शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी स्टूडेंट्स के साथ संवाद करेंगे। इसमें प्रस्तावित विधेयक के संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी स्टूडेंट्स को दी जाएगी।
संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा कि शिक्षक-कर्मचारियों की एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। सभी से आगे भी लगातार आंदोलन में साथ देने की अपील की गई है।
11 से 25 अगस्त तक रोज करेंगे आधा घंटे प्रदर्शन:
आंदोलन के तीसरे चरण में 11 से 25 अगस्त तक शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी प्रतिदिन दोपहर 1:30 से 2 बजे तक अपने कार्यस्थल पर एकजुट होकर प्रस्तावित विधेयक के विरोध में नारेबाजी करेंगे। इसका उद्देश्य विधेयक के संभावित प्रभावों को लेकर जन-जागरूकता पैदा करना है। विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित सभी कॉलेजों में प्रदर्शन होगा।।


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