मधेपुरा: अखिल विश्व गायत्री परिवार(शांतिकुंज, हरिद्वार) की इकाई प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ मधेपुरा के द्वारा शनिवार को द शुभमंगलम हॉल, मधेपुरा में युवाओं के लिए एक भव्य प्रेरणात्मक सेमिनार/संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में तनाव, प्रतिस्पर्धा एवं रोजगार संबंधी चुनौतीयों का सामना कर रहे युवाओं में आत्मविश्वास जगाना तथा अप्प दीपो भव(स्वयं अपना प्रकाश बनो) के संदेश के माध्यम से उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करना है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हजारों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर व्यक्तित्व विकास, आत्मबल एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश ग्रहण किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय युवा प्रेरक मनीष कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन कम-से-कम 20 मिनट ध्यान (मेडिटेशन) करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया एवं अन्य अनावश्यक आकर्षणों से बचने तथा आंतरिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के विकास के लिए नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जप करने का आह्वान किया।
दूसरे वक्ता प्रिंस रंजन ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि जीवन में अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और नियमित परिश्रम के माध्यम से हर उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, निशांत रंजन ने अपने उद्बोधन में अनेक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि ध्यान एवं गायत्री मंत्र साधना के नियमित अभ्यास से अनेक युवाओं ने अपने जीवन और करियर में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने युवाओं से आध्यात्मिकता और आत्मअनुशासन को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।
शुभमंगलम हॉल में आयोजित इस ऐतिहासिक संगोष्ठी का वातावरण पूरे समय उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने आत्मविकास, अनुशासित जीवन एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संचालन जिला युवा संयोजक आनंद कुमार ने किया। जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी वीरेन्द्र प्रसाद यादव, ट्रस्टी इंद्रदेव स्वर्णकार, नारायण साहनी, दयानन्द यादव, श्री चैतन्य कुमार वर्मा, राकेश कुमार, संजय, सुधांशु सहित सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं, बहनों का सहयोग सराहनीय रहा।।


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