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सोमवार, 23 फ़रवरी 2026

मधेपुरा:"नये डिग्री कॉलेजों में पहले सेशन में होगी छह विषयों की पढ़ाई"...

● Dr. Sarang Tanay@Madhepura.
मधेपुरा/बिहार: राज्य में प्रखंड स्तर पर खुलने वाले नये डिग्री कॉलेजों में पहले सेशन 2026-30 में छह विषयों की पढ़ाई शुरू होगी। इन कॉलेजों में स्नातक शैक्षिक सेशन 2026-30 की पढ़ाई आगामी एक जुलाई 2026 से शुरू होगी।
पहले सेशन में जिन छह विषयों की पढ़ाई होगी, वे सभी बिना प्रायोगिक कक्षा(प्रैक्टिकल क्लास) वाले विषय होंगे। ऐसी व्यवस्था इसलिए की जा रही है, क्योंकि संबंधित प्रखंडों में ऐसे सभी कॉलेज आगामी एक जुलाई से संसाधन वाले प्लस टू स्कूलों में चलेंगे। यह व्यवस्था प्लस टू स्कूलों में तब तक रहेगी, जब तक नये डिग्री कॉलेजों के अपने भवन और परिसर तैयार नहीं हो जाते। इसके मद्देनजर, पहले सेशन में पढ़ाये जाने वाले छह विषय ऐसे सामान्य विषय होंगे, जिनका क्रेज स्नातक में स्टूडेंट्स में होता है। इसके साथ ही हिन्दी एवं अंग्रेजी साहित्य भी होंगे। जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जायेगी, तब
तक इन विषयों की असिस्टेंट प्रोफेसर की व्यवस्था संबंधित विश्वविद्यालय के स्तर पर होगी।
बाद में इन कॉलेजों में ऑर्ट्स, साइंस एवं कॉमर्स के 16 विषयों की पढ़ाई होगी। जिन 16 विषयों की पढ़ाई होगी, उनमें से 15 विषयों में दो-दो अस्सिस्टेंट प्रोफेसर होंगे। 16वां विषय वोकेशनल के रूप में होगा, जिसमें एक ही अस्सिस्टेंट प्रोफेसर होंगे। इसके लिए 9,284 शिक्षक-कर्मियों की स्थायी नियुक्ति होगी। हर नये डिग्री कॉलेज में हर कॉलेज में 44 असिस्टेंट प्रोफेसर एवं शिक्षकेतर कर्मचारी होंगे। इनमें प्रधानाचार्य सहित 32 असिस्टेंट प्रोफेसर एवं 12 शिक्षकेतर कर्मचारी होंगे। अस्सिस्टेंट प्रोफेसर की नियमित बहाली बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग,पटना के माध्यम से होगी।
सात निश्चय - तीन के चौथे निश्चय 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि स्टूडेंट्स विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा हो। अभी भी राज्य के सभी 534 प्रखंडों में से 211 प्रखंडों में कोई भी अंगीभूत या एफलिटेड(संबद्ध) डिग्री कॉलेज नहीं है। 
हालांकि, विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा विभाग को पहले मिली रिपोर्ट में यह कहा गया था कि राज्य में डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों की संख्या 213 है। इसकी जांच बाद में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों(डीईओ) से करायी गयी। उसमें यह तथ्य सामने आया है कि डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों की संख्या 211 है।

● सोर्स: दैनिक आज।।

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