सिंहेश्वर(मधेपुरा): सुप्रसिद्ध सिंहेश्वर महोत्सव-2026 की सांस्कृतिक संध्या में "प्रांगण रंगमंच", मधेपुरा की प्रस्तुति ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। संस्था द्वारा प्रस्तुत 'कालजयी सिंहेश्वर - आदि से अनंत' नाटक और नृत्य नाटिका ने मुख्य पंडाल में मौजूद हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया।
प्रस्तुति की शुरुआत शंखनाद और दिव्य अर्धनारीश्वर स्तोत्र से हुई, जिसके बाद कलाकारों ने शिव के लास्य और तांडव रूप को मंच पर जीवंत कर दिया।
मंच पर नारी शक्ति के प्रतीक ऐगिरि नंदिनी, निर्वाण षट्कम ( चिदानन्द रूप : शिवोहम शिवोहम ) और बाबा सिंहेश्वर की महिमा का गुणगान करते हुए जब कलाकारों ने मानव पिरामिड बनाया, तो पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूँज उठा।
प्रांगण रंगमंच के कार्यक्रम का समापन भव्य महा-आरती के साथ हुआ, जिसमें सभी दर्शकों ने खड़े होकर अपनी भागीदारी दी।
इस पूरी प्रस्तुति की परिकल्पना और निर्देशन प्रांगण रंगमंच के मैनेजिंग ट्रस्टी, युवा कलाकार दिलखुश कुमार व अमित आनन्द द्वारा किया गया। उनकी अनूठी कोरियोग्राफी और संगीत के सटीक तालमेल ने इस शो को महोत्सव का सबसे सफल शो बना दिया।
प्रांगण रंगमंच मधेपुरा के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार परमार ने बताया कि संस्था का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान करना और मधेपुरा की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि नवोदित कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों और महोत्सव समिति के सदस्यों ने कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। दर्शकों ने कहा कि मधेपुरा की धरती पर ऐसी भव्य और तकनीकी रूप से समृद्ध प्रस्तुति पहली बार देखने को मिली है।
कार्यक्रम में शिव रूप में नीरज कुमार निर्जल, पार्वती रूप में भाव्या, दुर्गा रूप में नेहा कुमारी, पुजारी आशीष कुमार सत्यार्थी, शक्ति राज, प्रियम, लव, उदयसन्त, बिट्टू राज और शक्ति रूप में आकांक्षा, श्रेया, यंजना, प्राची, एकता, ट्विंकल, मनीषा, आराधना, साक्षी राशि ने जीवंत प्रस्तुति दी।
वहीं मंच से परे मुख्य भूमिका में संस्था के अधिकारियों मुरारी सिंह, देशराज दीप, अभिषेक सोनी, कुंदन कुमार, संजीत व कंचन कुमारी और अंजली कुमारी रही।
सिंहेश्वर महोत्सव-2026 आयोजन समिति की ओर से समीक्षा यदुवंशी ने सफल संचालन किया।।


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