मधेपुरा/बिहार: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय(बीएनएमयू) में सीनेट सदस्य चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलचल काफी तेज होती दिख रही है। लगभग एक दशक अर्थात 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्य के चुनाव की दिशा में पहल हो गई है।
इस संबंध में कुलसचिव कार्यालय की ओर से संबंधित सभी पीजी एचओडी तथा अंगीभूत कॉलेज के प्रिंसिपल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी पत्र में सीनेट के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया के लिए मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पत्र के अनुसार स्नातकोत्तर विभाग (ग्रुप-ए) से कुल तीन शिक्षक, अंगीभूत महाविद्यालयों (ग्रुप-बी) से कुल नौ शिक्षक तथा अंगीभूत इकाइयों से एक शिक्षकेत्तर कर्मचारी को सीनेट सदस्य के रूप में चुना जाना है।
● शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सूची मांगी गई:
इसके लिए स्थायी या मौलिक रूप से नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी संबंधित इकाइयां निर्धारित प्रारूप में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सूची तैयार कर 27 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
● जानकारी वरिष्ठता के आधार पर होनी चाहिए:
सूची में नाम, पदनाम और योगदान की तिथि जैसी जानकारी शामिल करनी होगी। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी वरिष्ठता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित सूचनाएं हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी (एमएस-एक्सेल फॉर्मेट) में भी उपलब्ध कराई जाएं। सॉफ्ट कॉपी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजने का निर्देश दिया गया है, जिससे मतदाता सूची का संकलन और सत्यापन समय पर पूरा किया जा सके।
बीएनएमयू में लंबे समय से सीनेट चुनाव नहीं होने के कारण नीतिगत निर्णयों और अकादमिक मामलों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी सीमित थी।
अब चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से शिक्षकों और कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है, वहीं कई जानकार लोग इसे गणतंत्र दिवस के भाषणों से भी जोड़कर देख रहे हैं।।
● सोर्स:दैनिक भास्कर डिजिटल।


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