संपादक- आर. कुमार
सिंहेश्वर में फ्लाई ओवर के साथ बननी है 10 मीटर चौड़ी टू लेन सड़क - डीएम के निर्देश पर सावन महीने के बंाद सिंहेश्वर बाजार से अतिक्रमण हटाएगी एनएच विभाग - वर्ष 1954 में सड़क चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने भू-स्वामियों को मुआवजा देकर जमीन कर ली थी अधिग्रहित - सिंहेश्वर में निज जमीन को छोड़ सड़क की जमीन पर बने हैं ढ़ाई सौ से अधिक दूकान व मकान - अतिक्रमण मुक्त होने के बाद बदल जाएगा सिंहेश्वर बाजार का स्वरूप - सड़क के चौड़ीकरण होने पर एनएच 106 से सिंहेश्वर आने वाले लाखों लोगों को मिलेगी राहत, सिंहेश्वर बाजार को जाम से मिलेगी मुक्ति
विश्व विख्यात बाबा नगरी सिंहेश्वर स्थान का स्वरूप जल्द ही बदलने वाला है। आने वाले दिनों में यह बाजार बदला-बदला सा नजर आएगा। सिंहेश्वर में 10 मीटर चौड़ी एनएच के साथ-साथ फ्लाई ओवर का निर्माण होना तय है। लेकिन अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य में रूकावटें पैदा हो रही है। हालांकि अब सिंहेश्वर बाजार के बेहतर भविष्य को देखते हुए सड़क को अतिक्रमण मुक्त करानेे के लिए प्रशासन ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। इस बाबत जिलाधिकारी ने एनएच के कार्यपालक अभियंता को एनएच की जमीन से अतिक्रमण को खाली कराने का निर्देश दिया है। वहीं एनएच विभाग ने पवित्र सावन महीनें के बाद सड़क की जमीन पर बनी दुकानें व मकान को हटाने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में सिंहेश्वर पुल से लेकर ललित धर्मशाला तक अतिक्रमण को खाली कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में डाक बंगला से दुर्गा चौक तक दुकानों को हटाया जाएगा। पहले चरण में ही निज जमीन को छोड़ सड़क की जमीन पर बने ढ़ाई सौ से अधिक दूकान व मकान टूटेंगे।
बॉक्स मैटर:::::
श्रावणी मेला तक दी गई है दुकानदारों को राहत
प्रशासन ने माना है कि सिंहेश्वर में अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बन गई है। इसके लिए इसके लिए डीएम ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश तो जारी कर दिया है। लेकिन श्रावणी मेला को देखते हुए दुकानदारों को इस महीनें तक राहत प्रदान की गई है। 26 अगस्त को सावन पूर्णिया के साथ ही सिंहेश्वर में एक माह तक लगने वाला श्रावणी मेला समाप्त हो जाएगा। इसके बाद एनएच विभाग अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगी।
लाखों लोगों को मिलेगी राहत, जाम से मिलेगी मुक्ति
सिंहेश्वर में हर दिन श्रद्धालुओं के साथ लाखों लोगों का आवागमन होता है। आस-पास 50 गावों का मुख्य बाजार होने के कारण शाम होते ही हजारों की संख्या में लोग यहां खरीददारी करने के लिए आते हैं। लेकिन हर दिन लगने वाली जाम लोगों को परेशान कर देती है। अतिक्रमण हटने के बाद सड़क के चौड़ीकरण होने पर एनएच 106 से सिंहेश्वर आने वाले लाखों लोगों को राहत तो मिलेगी ही साथ ही सिंहेश्वर बाजार को जाम से मुक्ति भी मिल जाएगी।
1954 में 40 फीट सड़क के लिए किया गया था भू-अधिग्रहण
एनएच विभाग की माने तो वर्ष 1954 में ही सड़क चौड़ीकरण के लिए भू-अधिग्रहण किया गया था। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने भू-स्वामियों को मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित कर ली थी। लेकिन समय के साथ-साथ लोगों ने अपनी निज जमीन को छोड़ कर सड़क की जमीन पर घर व दुकान बनाना शुरू कर दिया।
अतिक्रमण खाली कराने में नष्ट होगी 100 करोड़ की संपत्ति
कहा कि सिंहेश्वर बाजार क्षेत्र में एन एच 106 सड़क के दोनों तरफ पक्का दुकान और मकान बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। पूर्व में सड़क का चौड़ीकरण नहीं होने पर धीरे-धीरे भू दाताओं और उनके वंशजों ने सड़क जमीन पर पक्का दुकान और मकान बना कर काबिज होते गए। लेकिन अब उच्च राष्ट्रीय पथ 106 का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य जारी है। आलम यह है कि अतिक्रमण खाली कराने में करीब 100 करोड़ रुपए की संपत्ति नष्ट होगी।
वीरपुर से बिहपुर फोर लेन सड़क बनने की है संभावना
एनएच 106 नेपाल से सटे वीरपुर से बिहपुर एनएच 31 तक जाती है। इसलिए इसका राष्ट्रीय महत्व है। अभी यह सड़क टू लेन ही बनेगी। लेकिन भविष्य में इसे फोरलेन सड़क बनाने की योजना पर एनएच विभाग कार्य कर रही है। वहीं सिंहेश्वर में नारियल विकास बोर्ड से लेकर पूल के पार दुर्गा चौक तक फ्लाई ओवर निर्माण की विभागीय स्वीकृति भी 3 महीनें पहले ही मिल चुकी है। इसके लिए अतिक्रमण खाली कराने के अलावा जरूरत अनुसार विभाग निज भूमि का अधिग्रहण भी कर सकती है। सिंहेश्वर में अगले महीनें तक अतिक्रमण खाली कराना इसलिए भी जरूरी है कि एनएच निर्माण कंपनी आईएलएफ़एस को 2019 में तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लेना है।
वर्जन
अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम का मिल गया है आदेश
सिंहेश्वर बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम का आदेश मिल गया है। सावन बीतने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने से पहले अतिक्रमण को हटाया जाएगा। प्रथम चरण में मंदिर बाय पास रोड से लेकर ललित धर्मशाला तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। अतिक्रमित क्षेत्र में कई पक्के मकान व दूकान हैं पर उन्हें हटवाना मजबूरी है। सिंहेश्वर में सड़क की काफी अधिक भूमि है। यहां तक कि डाक बंगले के आगे स्थित जिला परिषद की पक्की दुकानें भी रोड की जमीन पर ही बनाई गई है। विभाग ने बाजार की जमीन का अमीन से मापी करवा लिया है।
ई अरूण कुमार, कार्यपालक अभियंता, एनएच विभाग
सिंहेश्वर में फ्लाई ओवर के साथ बननी है 10 मीटर चौड़ी टू लेन सड़क - डीएम के निर्देश पर सावन महीने के बंाद सिंहेश्वर बाजार से अतिक्रमण हटाएगी एनएच विभाग - वर्ष 1954 में सड़क चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने भू-स्वामियों को मुआवजा देकर जमीन कर ली थी अधिग्रहित - सिंहेश्वर में निज जमीन को छोड़ सड़क की जमीन पर बने हैं ढ़ाई सौ से अधिक दूकान व मकान - अतिक्रमण मुक्त होने के बाद बदल जाएगा सिंहेश्वर बाजार का स्वरूप - सड़क के चौड़ीकरण होने पर एनएच 106 से सिंहेश्वर आने वाले लाखों लोगों को मिलेगी राहत, सिंहेश्वर बाजार को जाम से मिलेगी मुक्ति
विश्व विख्यात बाबा नगरी सिंहेश्वर स्थान का स्वरूप जल्द ही बदलने वाला है। आने वाले दिनों में यह बाजार बदला-बदला सा नजर आएगा। सिंहेश्वर में 10 मीटर चौड़ी एनएच के साथ-साथ फ्लाई ओवर का निर्माण होना तय है। लेकिन अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य में रूकावटें पैदा हो रही है। हालांकि अब सिंहेश्वर बाजार के बेहतर भविष्य को देखते हुए सड़क को अतिक्रमण मुक्त करानेे के लिए प्रशासन ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। इस बाबत जिलाधिकारी ने एनएच के कार्यपालक अभियंता को एनएच की जमीन से अतिक्रमण को खाली कराने का निर्देश दिया है। वहीं एनएच विभाग ने पवित्र सावन महीनें के बाद सड़क की जमीन पर बनी दुकानें व मकान को हटाने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में सिंहेश्वर पुल से लेकर ललित धर्मशाला तक अतिक्रमण को खाली कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में डाक बंगला से दुर्गा चौक तक दुकानों को हटाया जाएगा। पहले चरण में ही निज जमीन को छोड़ सड़क की जमीन पर बने ढ़ाई सौ से अधिक दूकान व मकान टूटेंगे।
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श्रावणी मेला तक दी गई है दुकानदारों को राहत
प्रशासन ने माना है कि सिंहेश्वर में अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बन गई है। इसके लिए इसके लिए डीएम ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश तो जारी कर दिया है। लेकिन श्रावणी मेला को देखते हुए दुकानदारों को इस महीनें तक राहत प्रदान की गई है। 26 अगस्त को सावन पूर्णिया के साथ ही सिंहेश्वर में एक माह तक लगने वाला श्रावणी मेला समाप्त हो जाएगा। इसके बाद एनएच विभाग अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगी।
लाखों लोगों को मिलेगी राहत, जाम से मिलेगी मुक्ति
सिंहेश्वर में हर दिन श्रद्धालुओं के साथ लाखों लोगों का आवागमन होता है। आस-पास 50 गावों का मुख्य बाजार होने के कारण शाम होते ही हजारों की संख्या में लोग यहां खरीददारी करने के लिए आते हैं। लेकिन हर दिन लगने वाली जाम लोगों को परेशान कर देती है। अतिक्रमण हटने के बाद सड़क के चौड़ीकरण होने पर एनएच 106 से सिंहेश्वर आने वाले लाखों लोगों को राहत तो मिलेगी ही साथ ही सिंहेश्वर बाजार को जाम से मुक्ति भी मिल जाएगी।
1954 में 40 फीट सड़क के लिए किया गया था भू-अधिग्रहण
एनएच विभाग की माने तो वर्ष 1954 में ही सड़क चौड़ीकरण के लिए भू-अधिग्रहण किया गया था। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने भू-स्वामियों को मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित कर ली थी। लेकिन समय के साथ-साथ लोगों ने अपनी निज जमीन को छोड़ कर सड़क की जमीन पर घर व दुकान बनाना शुरू कर दिया।
अतिक्रमण खाली कराने में नष्ट होगी 100 करोड़ की संपत्ति
कहा कि सिंहेश्वर बाजार क्षेत्र में एन एच 106 सड़क के दोनों तरफ पक्का दुकान और मकान बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। पूर्व में सड़क का चौड़ीकरण नहीं होने पर धीरे-धीरे भू दाताओं और उनके वंशजों ने सड़क जमीन पर पक्का दुकान और मकान बना कर काबिज होते गए। लेकिन अब उच्च राष्ट्रीय पथ 106 का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य जारी है। आलम यह है कि अतिक्रमण खाली कराने में करीब 100 करोड़ रुपए की संपत्ति नष्ट होगी।
वीरपुर से बिहपुर फोर लेन सड़क बनने की है संभावना
एनएच 106 नेपाल से सटे वीरपुर से बिहपुर एनएच 31 तक जाती है। इसलिए इसका राष्ट्रीय महत्व है। अभी यह सड़क टू लेन ही बनेगी। लेकिन भविष्य में इसे फोरलेन सड़क बनाने की योजना पर एनएच विभाग कार्य कर रही है। वहीं सिंहेश्वर में नारियल विकास बोर्ड से लेकर पूल के पार दुर्गा चौक तक फ्लाई ओवर निर्माण की विभागीय स्वीकृति भी 3 महीनें पहले ही मिल चुकी है। इसके लिए अतिक्रमण खाली कराने के अलावा जरूरत अनुसार विभाग निज भूमि का अधिग्रहण भी कर सकती है। सिंहेश्वर में अगले महीनें तक अतिक्रमण खाली कराना इसलिए भी जरूरी है कि एनएच निर्माण कंपनी आईएलएफ़एस को 2019 में तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लेना है।
वर्जन
अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम का मिल गया है आदेश
सिंहेश्वर बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम का आदेश मिल गया है। सावन बीतने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने से पहले अतिक्रमण को हटाया जाएगा। प्रथम चरण में मंदिर बाय पास रोड से लेकर ललित धर्मशाला तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। अतिक्रमित क्षेत्र में कई पक्के मकान व दूकान हैं पर उन्हें हटवाना मजबूरी है। सिंहेश्वर में सड़क की काफी अधिक भूमि है। यहां तक कि डाक बंगले के आगे स्थित जिला परिषद की पक्की दुकानें भी रोड की जमीन पर ही बनाई गई है। विभाग ने बाजार की जमीन का अमीन से मापी करवा लिया है।
ई अरूण कुमार, कार्यपालक अभियंता, एनएच विभाग



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