संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में कर्मचारी संघ के स्थगित चुनाव परिणाम को लेकर जारी विवाद चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को प्रक्षेत्रीय कर्मचारी संघ ने संतोष गुट पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए महासंघ के निर्णय को सही ठहराया है। प्रक्षेत्रीय संघ के मंत्री सह सीनेट प्रमोद यादव ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि संतोष दूसरे गुट के वैध मत को अवैध घोषित कराना चाहता था। इसलिए वहां दोनों गुट के बीच में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि 6 जुलार्ई को संपन्न कर्मचारी संघ के चुनाव में उत्पन्न तनाव के कारण महासंघ ने चुनाव परिणाम को स्थगित करने की घोषण की। लेकिन इसके बाद संतोष गुट के लोगों ने विवि प्रेक्षा गृह के मुख्य गेट को बंद कर महासंघ के अध्यक्ष के साथ धक्का-मुक्की की।
यह घटना प्रक्षेत्रीय संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मंत्री के समने घटी, इसे झूठलाया नहीं जा सकता है। यहीं नहीं जब अध्यक्ष कार में बैठने लगे तो उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभ्रद व्यवहार किया गया। प्रक्षेत्रीय संघ पर लगाए गए आरोपों पर प्रमोद यादव ने इसे संतोष गुट का बचकाना हड़कत बताया। उन्होंने कहा कि महासंघ के अध्यक्ष का कुलपति से वार्ता कराना या सांगठनिक चुनाव संपन्न कराना प्रक्षेत्रीय मंत्री व अध्यक्ष का दायित्व है। इसके बाजवूद विवि में जो निंदनीय घटना घटी है उस पर महासंघ कठोर से कठोर कार्रवाई का निर्णय ले सकती है। वहीं संतोष गुट के समर्थन में खड़े प्रक्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार, अखिलेश भूषण,राजेश कुमार एवं कमल किशोर ठाकुर के बयान पर उन्होंने आपत्ति जतायी।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में कर्मचारी संघ के स्थगित चुनाव परिणाम को लेकर जारी विवाद चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को प्रक्षेत्रीय कर्मचारी संघ ने संतोष गुट पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए महासंघ के निर्णय को सही ठहराया है। प्रक्षेत्रीय संघ के मंत्री सह सीनेट प्रमोद यादव ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि संतोष दूसरे गुट के वैध मत को अवैध घोषित कराना चाहता था। इसलिए वहां दोनों गुट के बीच में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि 6 जुलार्ई को संपन्न कर्मचारी संघ के चुनाव में उत्पन्न तनाव के कारण महासंघ ने चुनाव परिणाम को स्थगित करने की घोषण की। लेकिन इसके बाद संतोष गुट के लोगों ने विवि प्रेक्षा गृह के मुख्य गेट को बंद कर महासंघ के अध्यक्ष के साथ धक्का-मुक्की की।
यह घटना प्रक्षेत्रीय संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मंत्री के समने घटी, इसे झूठलाया नहीं जा सकता है। यहीं नहीं जब अध्यक्ष कार में बैठने लगे तो उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभ्रद व्यवहार किया गया। प्रक्षेत्रीय संघ पर लगाए गए आरोपों पर प्रमोद यादव ने इसे संतोष गुट का बचकाना हड़कत बताया। उन्होंने कहा कि महासंघ के अध्यक्ष का कुलपति से वार्ता कराना या सांगठनिक चुनाव संपन्न कराना प्रक्षेत्रीय मंत्री व अध्यक्ष का दायित्व है। इसके बाजवूद विवि में जो निंदनीय घटना घटी है उस पर महासंघ कठोर से कठोर कार्रवाई का निर्णय ले सकती है। वहीं संतोष गुट के समर्थन में खड़े प्रक्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार, अखिलेश भूषण,राजेश कुमार एवं कमल किशोर ठाकुर के बयान पर उन्होंने आपत्ति जतायी।



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