संपादक- आर. कुमार
बीएनएमयू कुलसचिव के अचानक इस्तीफे की बात पर एआईएसएफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एआईएसएफ के राज्य उपाध्यक्ष सह विवि प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि कुलसचिव के इस्तीफे ने विवि के आंतरिक कुव्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। कुलपति के एक साल के कार्यकाल पर इस इस्तीफे ने ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। राठौर ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि विश्वविद्यालय में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। कुलपति को अपनी पीठ थपथपाने की बजाय आंतरिक कुव्यवस्था को ठीक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्तीफे की बजाय कुलसचिव को धैर्य से काम लेते हुए हालात का सामना करना चाहिए था। इस्तीफा यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं कुलसचिव अपनी जिम्मेदारी से हटें हैं जो विवि व राजभवन के उनके उपर के विश्वास का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि भले ही कुलपति, प्रतिकुलपति और अन्य अधिकारी विवि को पटरी पर लाने का दावा कर रहे हों। लेकिन बीएनएमयू प्रशासन एक तरफ कुलपति डॉ. अवध किशोर राय के एक साल के कार्यकाल को स्वर्णिम काल बताते हुए जश्न मानने में व्यस्त है तो दूसरी तरफ कुलसचिव डॉ. नरेन्द्र श्रीवास्तव के इस्तीफे ने विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
बीएनएमयू कुलसचिव के अचानक इस्तीफे की बात पर एआईएसएफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एआईएसएफ के राज्य उपाध्यक्ष सह विवि प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि कुलसचिव के इस्तीफे ने विवि के आंतरिक कुव्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। कुलपति के एक साल के कार्यकाल पर इस इस्तीफे ने ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। राठौर ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि विश्वविद्यालय में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। कुलपति को अपनी पीठ थपथपाने की बजाय आंतरिक कुव्यवस्था को ठीक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्तीफे की बजाय कुलसचिव को धैर्य से काम लेते हुए हालात का सामना करना चाहिए था। इस्तीफा यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं कुलसचिव अपनी जिम्मेदारी से हटें हैं जो विवि व राजभवन के उनके उपर के विश्वास का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि भले ही कुलपति, प्रतिकुलपति और अन्य अधिकारी विवि को पटरी पर लाने का दावा कर रहे हों। लेकिन बीएनएमयू प्रशासन एक तरफ कुलपति डॉ. अवध किशोर राय के एक साल के कार्यकाल को स्वर्णिम काल बताते हुए जश्न मानने में व्यस्त है तो दूसरी तरफ कुलसचिव डॉ. नरेन्द्र श्रीवास्तव के इस्तीफे ने विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।



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