संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत यूवीके कॉलेज कड़ामा में स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कोर्स के दूसरे दिन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वच्छता के दूरगामी प्रभाव पर प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक जानकारी दी गई। विषय पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि डॉ माधवेंद्र झा ने शौच एक संस्कार है तो दूसरी तरफ आपदा भी। उन्होंने कहा कि जीवित प्राणियों में शौच कर्म जीवंतता को अक्षुण्ण रखने के लिए व्यावहारिक है।
डॉ झा ने कहा कि हिंदू हो या मुस्लिम या सिख, इसाई सभी समुदाय में प्रार्थना एवं आराधना के लिए घर होता है। उसी घर के प्रांगण में तथा अगल बगल में अगर मल मूत्र त्याग करते हैं और वह वातावरण को प्रदूषित करता है। उस प्रदूषित वायु से हमारे जीवन में दुष्प्रभाव पड़ता है। इतिहास गवाह है स्वच्छता के अभाव में गांव-गांव डायरिया का प्रकोप फैलता था। तब उसे लोग दैवीय प्रकोप कहते थे। इससे बचाव के लिए स्वच्छता को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मौके पर कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ ललन कुमार झा ने स्वच्छ भारत निर्माण में गांधी के सपने को साकार करने के लिए स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो चंद्रशेखर मिश्रा, प्रो प्रकाश मिश्रा, कार्यक्रम के ब्रांड अंबेसडर अभिषेक आचार्य सहित अन्य छात्र छात्राओं को महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत यूवीके कॉलेज कड़ामा में स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कोर्स के दूसरे दिन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वच्छता के दूरगामी प्रभाव पर प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक जानकारी दी गई। विषय पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि डॉ माधवेंद्र झा ने शौच एक संस्कार है तो दूसरी तरफ आपदा भी। उन्होंने कहा कि जीवित प्राणियों में शौच कर्म जीवंतता को अक्षुण्ण रखने के लिए व्यावहारिक है।
डॉ झा ने कहा कि हिंदू हो या मुस्लिम या सिख, इसाई सभी समुदाय में प्रार्थना एवं आराधना के लिए घर होता है। उसी घर के प्रांगण में तथा अगल बगल में अगर मल मूत्र त्याग करते हैं और वह वातावरण को प्रदूषित करता है। उस प्रदूषित वायु से हमारे जीवन में दुष्प्रभाव पड़ता है। इतिहास गवाह है स्वच्छता के अभाव में गांव-गांव डायरिया का प्रकोप फैलता था। तब उसे लोग दैवीय प्रकोप कहते थे। इससे बचाव के लिए स्वच्छता को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मौके पर कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ ललन कुमार झा ने स्वच्छ भारत निर्माण में गांधी के सपने को साकार करने के लिए स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो चंद्रशेखर मिश्रा, प्रो प्रकाश मिश्रा, कार्यक्रम के ब्रांड अंबेसडर अभिषेक आचार्य सहित अन्य छात्र छात्राओं को महत्वपूर्ण टिप्स दिए।



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