संपादक- आर. कुमार
शहर के कृष्णापुरी वार्ड नंबर 4 स्थित सृजन दर्पण कार्यालय परिसर में मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक सांस्कृतिक व साहित्यिक संस्था द्वारा पौधारोपन किया गया। इस अवसर पर सृजन दर्पण के बैनर तले आयोजित विचार गोष्ठी में शहर के प्रखर वक्ताओं ने भाग लिया। इससे पहले संस्था के सदस्य व पदाधिकारियों ने कार्यालय परिसर में पौधारोपण किया। विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बीएनएमयू हिन्दी विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ सिद्वेश्वर काश्यप ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण का असर न केवल भौतिक संसाधनों पर है बाल्कि मानसिक एवं सांस्कृतिक चेतना पर भी है। प्रदूषण के कारण वैश्विक ताप बढ़ रहा है इसके कारण कई समस्याएँ पैदा हो रही है। सृजन दर्पण के अध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश ' ओम ने कहा कि जीवन की अनुकूलता हेतु प्रकृति प्रदत्त परिवेश आधुनिकता की दौर में प्रदूषण के कारण आज विषयुक्त होता जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सृजन दर्पण के
संस्थापक सचिव सह सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार ने कहा कि 'अब वक्त बोलने का नहीं रहा बल्कि कुछ कदम पर्यावरण की सुरक्षण के लिए बढ़ाना ही हमारा कर्त्तव्य है। यह काम सिर्फ सरकार एवं निजी संस्थाओं का नहीं बाल्कि हम सभी का है। शिक्षक शंभू शरण सिंह ने कहा कि औधोगिक विकास के कारण भूगर्भ में संरक्षित पदार्थो को हर समय एक दूसरे से इस प्रकार मिलाया जाता है कि प्रकृति विषाक्त होती जा रही है। मौके पर प्रियंका कुमार ने कहा कि मानव जीवन आज पर्यावरण प्रदूषण के कारण खतरे मे है। वक्त रहते सम्भलना जरूरी है। वहीं अमित आनद, गीतांजली,प्रियंका कुमार, आरती कुमारी ने भी अपना विचार प्रकट की। इस अवसर पर सृजन दर्पण के वरीय सदस्य सत्यम कुमार, सौरभ कुमार, विशाल भारती, श्रवण कुमार, नितिश कुमार यदुवंशी, फुलचन कुमार प्रेम, सुमन कुमार, विकास कुमार, सौरब कुमार, गौरब कुमार आदि मौजूद थे।
शहर के कृष्णापुरी वार्ड नंबर 4 स्थित सृजन दर्पण कार्यालय परिसर में मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक सांस्कृतिक व साहित्यिक संस्था द्वारा पौधारोपन किया गया। इस अवसर पर सृजन दर्पण के बैनर तले आयोजित विचार गोष्ठी में शहर के प्रखर वक्ताओं ने भाग लिया। इससे पहले संस्था के सदस्य व पदाधिकारियों ने कार्यालय परिसर में पौधारोपण किया। विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बीएनएमयू हिन्दी विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ सिद्वेश्वर काश्यप ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण का असर न केवल भौतिक संसाधनों पर है बाल्कि मानसिक एवं सांस्कृतिक चेतना पर भी है। प्रदूषण के कारण वैश्विक ताप बढ़ रहा है इसके कारण कई समस्याएँ पैदा हो रही है। सृजन दर्पण के अध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश ' ओम ने कहा कि जीवन की अनुकूलता हेतु प्रकृति प्रदत्त परिवेश आधुनिकता की दौर में प्रदूषण के कारण आज विषयुक्त होता जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सृजन दर्पण के
संस्थापक सचिव सह सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार ने कहा कि 'अब वक्त बोलने का नहीं रहा बल्कि कुछ कदम पर्यावरण की सुरक्षण के लिए बढ़ाना ही हमारा कर्त्तव्य है। यह काम सिर्फ सरकार एवं निजी संस्थाओं का नहीं बाल्कि हम सभी का है। शिक्षक शंभू शरण सिंह ने कहा कि औधोगिक विकास के कारण भूगर्भ में संरक्षित पदार्थो को हर समय एक दूसरे से इस प्रकार मिलाया जाता है कि प्रकृति विषाक्त होती जा रही है। मौके पर प्रियंका कुमार ने कहा कि मानव जीवन आज पर्यावरण प्रदूषण के कारण खतरे मे है। वक्त रहते सम्भलना जरूरी है। वहीं अमित आनद, गीतांजली,प्रियंका कुमार, आरती कुमारी ने भी अपना विचार प्रकट की। इस अवसर पर सृजन दर्पण के वरीय सदस्य सत्यम कुमार, सौरभ कुमार, विशाल भारती, श्रवण कुमार, नितिश कुमार यदुवंशी, फुलचन कुमार प्रेम, सुमन कुमार, विकास कुमार, सौरब कुमार, गौरब कुमार आदि मौजूद थे।



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