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मंगलवार, 29 मई 2018

बीएनएमयू के कुलपति के कार्यकाल के एक साल, कई विवादों से घिरा रहा कार्यकाल, पीआरओ ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड

संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में 29 मई 2017 को पदभार ग्रहण करने वाले कुलपति प्रो डाॅ. अवध किशोर राय का पहले साल का कार्यकाल विवादों के बीच उपलब्धियों से भरा रहा। कुलपति के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने होन पर विवि पीआरओ डॉ. सुधांशु शेखर ने इस 12 महीने में कुलपति को मिली उपलब्धियों की सूची जारी की। उन्होंने कहा कि कुलपति ने विवि को राष्ट्रीय ख्याति दिलाने का सपना देखा है। इस क्रम में कुछ छोटी-मोटी बाधाएं सामने आईं, लेकिन इन बाधाओं से वे रूके नहीं, बल्कि और भी तेजी व मजबूती के साथ आगे बढे। कुलपति ने विश्वविद्यालय को अपनी सर्वोत्तम सेवा दी और मुख्यालय में लगातार उपस्थित रह कर विवि में काम करने का रिकार्ड बनाया। इस दौरान सभी काम नियम-परिनियम के अनुरूप करने का प्रयास किया गया है। विवि में परीक्षा समिति, वित्त समिति, विद्वत परिषद्, भवन निर्माण समिति, क्रय-विक्रय समिति, अनुशासन समिति आदि की बैठकें नियमित रूप से हो रही हैं। सिंडीकेट की 4 और सीनेट की एक बैठक आयोजित की गई।



इनके कार्यकाल में विवि में सभी समस्याओं का आॅन द स्पाट समाधान हो रहा है। सभी विभागों को 3 दिनों के अंदर संचिकाओं का निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया गया है। वहीं पीएस कॉलेज मधेपुरा, पूर्णियां काॅलेज, पूर्णियां, एमएलए काॅलेज, कसबा एवं एसएनवाई काॅलेज, रामबाग को नैक से बी ग्रेड मिला है। रमेश झा महिला महाविद्यालय, सहरसा और टी. पी. काॅलेज, मधेपुरा में नैक मूल्यांकन की तैयारियां जारी हैं। वहीं दर्शन शास्त्र, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, भूगोल, रसायनशास्त्र, गणित आदि विषयों में नए शिक्षकों को पदस्थापित किया गया। विवि में शिक्षकों के प्रोन्नति की प्रक्रिया जारी है।
फारबिसगंज काॅलेज, फारबिसगंज में 54 कर्मचारियों की स्थायी नियुक्त की गई। विश्वविद्यालय में कार्यरत संविदा कर्मियों का स्थायीकरण किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। सितंबर 2017 में पेंशन अदालत लगाकर सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया गया। वहीं दिसंबर 2018 तक सभी बकाया पेंशन का भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है।
महाविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों एवं विश्वविद्यालय कार्यालयों में बायोमेट्रिक एटेन्डेस सिस्टम लागू किया गया है। लंबित शोध प्रस्तावों को पीजीआरसी की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई है। शीघ्र प्रीपीएच डी परीक्षा आयोजित की जाएगी। विवि में यूजीसी रेगुलेशन 2016 को लागू किया गया है। विवि में एमबीए, एमसीए, बीलिस, एमलिस, संस्कृत एवं संगीत की पढ़ाई जल्द शुरू होगी। इन सभी विषयों का पाठ्यक्रम राजभवन को स्वीकृति हेतु भेजा जा चुका है। अर्न ह्वाइल लर्न के उद्देश्य से शार्ट टर्म कोर्स शुरू करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2018 तक सत्र नियमित हो जाएगा। कदाचरमुक्त परीक्षा संचालन और ससमय त्रुटिरहित परीक्षाफल प्रकाशन सुनिश्चित किया गया है। वहीं विवि इतिहास में पहली बार कदाचार जांच समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत सभी कॉलेजों व विभागों में वाई फाई की सुविधा सुनिश्चित की गई है। बीएसएस काॅलेज, सुपौल में बैंबू प्लांट टीसू कल्चर की शुरुआत की गई। वहीं रमेश झा महिला महाविद्यालय से वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) का उत्पादन शुरू करने की योजना का शुभारंभ किया गया।
शतरंज, क्रिकेट, खो-खो एवं एथलेटिक्स में अंतर विवि प्रतियोगिताओं में बीएनएमयू को पहली बार सफलता मिली। वहीं नार्थ कैम्पस में 10 एकड़ जमीन पर खेल मैदान का निर्माण किया जा रहा है। विवि में रजत जयंती समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए यूजीसी को दो करोड़ रूपये का प्रस्ताव भेजा गया है। विवि में दस्तक एवं परिधि पत्रिका प्रकाशित हुई है। वहीं हिन्दी विभाग के न्यूज लेटर के प्रकाशन हेतु संपादक मंडल का गठन किया जा चुका है। माई बर्थ माई अर्थ योजना के तहत नार्थ कैम्पस में पौधारोपण किया जा रहा है।

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