संपादक-आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत आरएम कॉलेज सहरसा के प्रॉक्टर-प्राचार्य विवाद में 6 दिन पूर्व की गई कार्रवाई के आदेश को तत्काल विवि ने वापस ले लिया है। इस संबंध में कुलसचिव डॉ नरेंद्र श्रीवास्तव ने पत्र जारी कर कहा है कि आरएम कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को जबरन अवकाश पर भेजने के आदेश को विवि ने स्थगित कर दिया है। विवि से पत्र जारी होने पर विभिन्न छात्र संगठनों ने खुशी जाहिर करते हुए कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय के प्रति आभार व्यक्त किया है। वहीं सहरसा में छात्रों का आंदोलन भी स्वत: गुरुवार को समाप्त हो गया। इससे पहले कुलसचिव ने आरएम कॉलेज के प्रोफेसर डॉ रामबल्लभ झा को पत्र जारी करते हुए कहा कि विवि अनुशासन समिति के निर्णय के आलोक में आपकों अगले आदेश तक के लिए जबरन अवकाश पर भेजा गया था। उस आदेश को तत्काल स्थगित किया जाता है।
कुलसचिव ने कहा कि डॉ आरबी झा ने विवि को पत्र के माध्यम से खुद को निर्दोश बताया है। वहीं उन्होंने अपनी सेवाकाल केवल 7 माह रहने का हवाला देते हुए जबरन अवकाश के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया है। डॉ झा के अनुरोध और वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर विवि ने अनुशासन समिति के निर्णय की प्रत्याशा में डॉ आरबी झा को जबरन अवकाश पर भेजने के आदेश को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं डॉ झा को निदेशित किया गया है कि वे महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
आरएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर बी झा को जबरन अवकाश के निर्णय को स्थगित करने अभाविप कार्यकर्ताओं ने हर्ष जताते हुए कुलपति डॉ अवध किशोर रॉय के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभाग संयोजक रंजन यादव ने कहा कि यह जीत केवल डॉ आर बी झा की नही है बल्कि उन तमाम लोगों की जीत है जो इस प्रकार के अन्याय से पीड़ित है। संयोजक अभिषेक यादव ने कहा कि प्रतिकुलपति डॉ फारुख अली कुलपति के बेहरत संबंधों का नाजायज फायदा उठा रहे हैं। वे विवि में नेताओं और शिक्षा माफियाओं को सह देने का काम कर रहे है ताकि कुलपति बदनाम हो सके। आर एम कॉलेज हो या टीपी कॉलेज बीएड प्रकरण सब में प्रति कुलपति डॉ फारुख अली की संलिप्तता सामने आई है।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत आरएम कॉलेज सहरसा के प्रॉक्टर-प्राचार्य विवाद में 6 दिन पूर्व की गई कार्रवाई के आदेश को तत्काल विवि ने वापस ले लिया है। इस संबंध में कुलसचिव डॉ नरेंद्र श्रीवास्तव ने पत्र जारी कर कहा है कि आरएम कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को जबरन अवकाश पर भेजने के आदेश को विवि ने स्थगित कर दिया है। विवि से पत्र जारी होने पर विभिन्न छात्र संगठनों ने खुशी जाहिर करते हुए कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय के प्रति आभार व्यक्त किया है। वहीं सहरसा में छात्रों का आंदोलन भी स्वत: गुरुवार को समाप्त हो गया। इससे पहले कुलसचिव ने आरएम कॉलेज के प्रोफेसर डॉ रामबल्लभ झा को पत्र जारी करते हुए कहा कि विवि अनुशासन समिति के निर्णय के आलोक में आपकों अगले आदेश तक के लिए जबरन अवकाश पर भेजा गया था। उस आदेश को तत्काल स्थगित किया जाता है।
कुलसचिव ने कहा कि डॉ आरबी झा ने विवि को पत्र के माध्यम से खुद को निर्दोश बताया है। वहीं उन्होंने अपनी सेवाकाल केवल 7 माह रहने का हवाला देते हुए जबरन अवकाश के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया है। डॉ झा के अनुरोध और वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर विवि ने अनुशासन समिति के निर्णय की प्रत्याशा में डॉ आरबी झा को जबरन अवकाश पर भेजने के आदेश को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं डॉ झा को निदेशित किया गया है कि वे महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
आरएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर बी झा को जबरन अवकाश के निर्णय को स्थगित करने अभाविप कार्यकर्ताओं ने हर्ष जताते हुए कुलपति डॉ अवध किशोर रॉय के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभाग संयोजक रंजन यादव ने कहा कि यह जीत केवल डॉ आर बी झा की नही है बल्कि उन तमाम लोगों की जीत है जो इस प्रकार के अन्याय से पीड़ित है। संयोजक अभिषेक यादव ने कहा कि प्रतिकुलपति डॉ फारुख अली कुलपति के बेहरत संबंधों का नाजायज फायदा उठा रहे हैं। वे विवि में नेताओं और शिक्षा माफियाओं को सह देने का काम कर रहे है ताकि कुलपति बदनाम हो सके। आर एम कॉलेज हो या टीपी कॉलेज बीएड प्रकरण सब में प्रति कुलपति डॉ फारुख अली की संलिप्तता सामने आई है।



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