संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सोमवार को अनकुंपा कर्मियों के हड़ताल से लगातार दूसरे दिन भी विवि का काम-काज लगभग ठप रहा। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर कर्मी विवि परिसर में धरना पर बैठे रहे। हालांकि दिन भर चले वार्ता के दौरान शाम करीब 4 बजे प्रभारी कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद ने कर्मियों को लिखित आवश्वासन देकर धरना को समाप्त कराया। मौके पर प्रभारी कुलसचिव ने कहा कि अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों के स्वीकृत पद के विरूद्ध समायोजन करने संंबंधी मामले पर कार्यवाही चल रही है।
वर्तमान में नियमित कुलसचिव कार्यालय कार्यो से मुख्यालय से बाहर है। कुलसचिव के मुख्यालय लौटने के उपरांत कर्मियों की मांगों को 10 दिनों के अंदर पूरा किया जा सकेगा। इस लिखित आश्वासन पर कर्मी माने और हड़ताल को खत्म कर अपने-अपने कार्य पर लौट गए। इससे पहले विश्वविद्यालय में कार्यरत 160 अनकुंपा कर्मियों ने कहा कि 10 दिनों के अंदर सेवा समायोजन संबंधी अधिसूचना जारी नहीं होती है तो विवि प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान धरना पर अखिलेश कुमार, अंकेश कुमार, वैभव कुमार, अमित कुमार, अवनीत कुमार, सुनील सुमन, हमिद राजा, हरिनंदन कुमार, अनिश कुमार, प्रभात, विनय झा, शशांक, मृत्युंजय, शंकर, विनोद, पुरण, ब्रजकिशोर, रंधीर, निलेश, आशुताेष, शशिभूषण, शंभु कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सोमवार को अनकुंपा कर्मियों के हड़ताल से लगातार दूसरे दिन भी विवि का काम-काज लगभग ठप रहा। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर कर्मी विवि परिसर में धरना पर बैठे रहे। हालांकि दिन भर चले वार्ता के दौरान शाम करीब 4 बजे प्रभारी कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद ने कर्मियों को लिखित आवश्वासन देकर धरना को समाप्त कराया। मौके पर प्रभारी कुलसचिव ने कहा कि अनुकंपा पर नियुक्त कर्मियों के स्वीकृत पद के विरूद्ध समायोजन करने संंबंधी मामले पर कार्यवाही चल रही है।
वर्तमान में नियमित कुलसचिव कार्यालय कार्यो से मुख्यालय से बाहर है। कुलसचिव के मुख्यालय लौटने के उपरांत कर्मियों की मांगों को 10 दिनों के अंदर पूरा किया जा सकेगा। इस लिखित आश्वासन पर कर्मी माने और हड़ताल को खत्म कर अपने-अपने कार्य पर लौट गए। इससे पहले विश्वविद्यालय में कार्यरत 160 अनकुंपा कर्मियों ने कहा कि 10 दिनों के अंदर सेवा समायोजन संबंधी अधिसूचना जारी नहीं होती है तो विवि प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान धरना पर अखिलेश कुमार, अंकेश कुमार, वैभव कुमार, अमित कुमार, अवनीत कुमार, सुनील सुमन, हमिद राजा, हरिनंदन कुमार, अनिश कुमार, प्रभात, विनय झा, शशांक, मृत्युंजय, शंकर, विनोद, पुरण, ब्रजकिशोर, रंधीर, निलेश, आशुताेष, शशिभूषण, शंभु कुमार सहित अन्य मौजूद थे।



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