"प्रयास"
कल्पनाओं से अपने बना पाती,
कोई भी सुंदर-सा चित्र मैं काश;
फिलहाल तो चित्रों को देखकर हीं,
बनाने का आसान विकल्प है मेरे पास;
देखकर बनाने के बावजूद भी,
कभी-कभी मैं हो जाती हूँ निराश;
क्योंकि उस जैसा बिल्कुल ही,
ना बना पाने का होता है मुझे एहसास;
परन्तु फिर भी मैं निरंतर कोशिश करती हूँ,
बनाने की उस जैसा कुछ खास;
किसी भी चित्र की सही प्रतिलिपि बना पाऊं,
जो सबको सही होने का कराए आभाष;
लेकिन ये क्या अच्छी चित्रकारी के चक्कर में,
कभी कुछ हो भी जाता है नाश;
फिर भी मैंने जरा भी हिम्मत नहीं हारी,
क्योंकि मुझे है ये पूर्ण आत्म - विश्वास;
एक दिन मेरी मेहनत जरूर ही रंग लाएगी,
और मैं छू पाऊंगी सफलताओं का आकाश !
"प्रिया सिन्हा"
पूर्णिया (बिहार)
कल्पनाओं से अपने बना पाती,
कोई भी सुंदर-सा चित्र मैं काश;
फिलहाल तो चित्रों को देखकर हीं,
बनाने का आसान विकल्प है मेरे पास;
देखकर बनाने के बावजूद भी,
कभी-कभी मैं हो जाती हूँ निराश;
क्योंकि उस जैसा बिल्कुल ही,
ना बना पाने का होता है मुझे एहसास;
परन्तु फिर भी मैं निरंतर कोशिश करती हूँ,
बनाने की उस जैसा कुछ खास;
किसी भी चित्र की सही प्रतिलिपि बना पाऊं,
जो सबको सही होने का कराए आभाष;
लेकिन ये क्या अच्छी चित्रकारी के चक्कर में,
कभी कुछ हो भी जाता है नाश;
फिर भी मैंने जरा भी हिम्मत नहीं हारी,
क्योंकि मुझे है ये पूर्ण आत्म - विश्वास;
एक दिन मेरी मेहनत जरूर ही रंग लाएगी,
और मैं छू पाऊंगी सफलताओं का आकाश !
"प्रिया सिन्हा"
पूर्णिया (बिहार)



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