पूर्णियां । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के द्वारा स्थानीय कार्यालय थाना चौक, पूर्णियाँ स्तिथ में पूर्णियाँ विश्वविद्यालय पूर्णियाँ के कुलपति का पोस्टर जारी कर विभिन्न मांगों सेंट्रल पैनल छात्रसंघ चुनाव, पूर्णियाँ कॉलेज परिसर से अविलंब विश्वविद्यालयी कार्यालयों को स्थानांतरित करने की मांग, शैक्षणिक अराजकता एवं छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जैसी मांगों के साथ 'लापता कुलपति' अभियान की शुरूआत कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया । कार्यक्रम का नेतृत्व निखिल कुमार कर रहे थे।
इस मौके पर सुरज कुमार वर्मा ने कहा कि " भूपेंद्र मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा गत दो माह पूर्व ही कॉलेज स्तरीय छात्रसंघ चुनाव संपन्न करा दिया लेकिन महामहिम कुलाधिपति सह राज्यपाल महोदय ने 18 मार्च, 2018 को पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया में कुलपति, प्रतिकुलपति एवं कुलसचिव की नियुक्ति कर पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ के गठन को अस्तित्व प्रदान किये जिससे पूर्णियाँ प्रमण्डल के चारों जिलों के सभी सरकारी कॉलेज पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ के अंगीभूत इकाइयों में शामिल हो गया । विश्वविद्यालयों के बंटवारे को ध्यान में रखते हुए भूपेंद्र नारायण मण्डल विश्वविद्यालय पहले ही सेंट्रल पैनलों के छात्रसंघ चुनाव संपन्न करा पूर्णियाँ विश्वविद्यालय क्षेत्रान्तर्गत में छात्रसंघ चुनाव को ले अपनी जिम्मेवारी से हाथ खड़ा करते हुए छात्रसंघ चुनाव की जिम्मेदारी पूर्णियाँ विश्वविद्यालय को सौंप दिया ।राजभवन आदेशों को अमल में लाने के बजाय पूर्णियाँ विश्वविद्यालय के कुलपति रोजाना नए-नए तरकीबें छात्रों को सुनाते हैं एवं छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने को लेकर बहाना बनाने के साथ-साथ तारीख पर तारीख सुनाते रहते हैं । उन्होंने कहा कि हम सभी छात्र जब जब उनसे मुलाकात के लिए जाते हैं तब वह किसी न किसी छुट्टियों में ही अक्सर रहते हैं ।जिससे दूर के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को खासा समस्याओं से सामना करते हुए कार्य से वंचित रह जाते हैं एवं उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है । साथियों उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्णिया विश्वविद्यालय पूर्णिया गठन के पश्चात ही पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया में कार्यरत है जिससे कॉलेज के शैक्षणिक माहौल पर असर पड़ता है और कॉलेज आने वाले छात्र एवं कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जिससे कॉलेज के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो गई है ।
वही मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी परिषद सदस्य मुकेश कुमार मेहता ने आज बताया कि "छात्रसंघ चुनाव व अन्य छात्र समस्याओं को लेकर जब हम छात्र कुलपति महोदय के पास जाते हैं तब वह नजर नहीं आते हैं और लगभग दो माह विश्वविद्यालय गठन के वो रोज किसी न किसी छुट्टी पर बाहर ही रहते हैं जिससे दूर-दराज से आने वाले छात्रों व अभिभावकों को खाली हाथ लौटना पड़ता है । उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रसंघ चुनाव पर कुलाधिपति के आदेशों के बाद भी किसी प्रकार से कोई स्थिति स्पष्ट नहीं करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है जिससे छात्रों के उज्जवल भविष्य पर ग्रहण लगता है प्रदर्शित हो रहा है । उन्होंने यही बताया कि पूर्णियाँ कॉलेज,पूर्णियाँ में कार्यरत विश्वविद्यालय को जल्द अलग स्थान पर स्थानांतरित करें जिस कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को बचाया जाए । इन सभी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द पूरा करें! अभी तो 'लापता कुलपति' अभियान की सिर्फ शुरुआत हुई है! मांगो को जल्द पूरा नहीं करने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगी जिसकी सारी जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी" ।
इस मौके पर विभाग संयोजक रवि गुप्ता, नगर सहमंत्री युवराज मेहता, कार्यालय मंत्री पीयूष ठाकुर, दीपक कुमार झा,नूपुर शुभांगी, आशुतोष दुबे,आशुतोष कुमार झा,मधु कुमारी, अंजली कुमारी, पूजा कुमारी, कोमल कुमारी, राहुल यादव, अक्षय कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे!
इस मौके पर सुरज कुमार वर्मा ने कहा कि " भूपेंद्र मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा गत दो माह पूर्व ही कॉलेज स्तरीय छात्रसंघ चुनाव संपन्न करा दिया लेकिन महामहिम कुलाधिपति सह राज्यपाल महोदय ने 18 मार्च, 2018 को पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया में कुलपति, प्रतिकुलपति एवं कुलसचिव की नियुक्ति कर पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ के गठन को अस्तित्व प्रदान किये जिससे पूर्णियाँ प्रमण्डल के चारों जिलों के सभी सरकारी कॉलेज पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ के अंगीभूत इकाइयों में शामिल हो गया । विश्वविद्यालयों के बंटवारे को ध्यान में रखते हुए भूपेंद्र नारायण मण्डल विश्वविद्यालय पहले ही सेंट्रल पैनलों के छात्रसंघ चुनाव संपन्न करा पूर्णियाँ विश्वविद्यालय क्षेत्रान्तर्गत में छात्रसंघ चुनाव को ले अपनी जिम्मेवारी से हाथ खड़ा करते हुए छात्रसंघ चुनाव की जिम्मेदारी पूर्णियाँ विश्वविद्यालय को सौंप दिया ।राजभवन आदेशों को अमल में लाने के बजाय पूर्णियाँ विश्वविद्यालय के कुलपति रोजाना नए-नए तरकीबें छात्रों को सुनाते हैं एवं छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने को लेकर बहाना बनाने के साथ-साथ तारीख पर तारीख सुनाते रहते हैं । उन्होंने कहा कि हम सभी छात्र जब जब उनसे मुलाकात के लिए जाते हैं तब वह किसी न किसी छुट्टियों में ही अक्सर रहते हैं ।जिससे दूर के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को खासा समस्याओं से सामना करते हुए कार्य से वंचित रह जाते हैं एवं उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है । साथियों उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्णिया विश्वविद्यालय पूर्णिया गठन के पश्चात ही पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया में कार्यरत है जिससे कॉलेज के शैक्षणिक माहौल पर असर पड़ता है और कॉलेज आने वाले छात्र एवं कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जिससे कॉलेज के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो गई है ।
वही मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी परिषद सदस्य मुकेश कुमार मेहता ने आज बताया कि "छात्रसंघ चुनाव व अन्य छात्र समस्याओं को लेकर जब हम छात्र कुलपति महोदय के पास जाते हैं तब वह नजर नहीं आते हैं और लगभग दो माह विश्वविद्यालय गठन के वो रोज किसी न किसी छुट्टी पर बाहर ही रहते हैं जिससे दूर-दराज से आने वाले छात्रों व अभिभावकों को खाली हाथ लौटना पड़ता है । उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रसंघ चुनाव पर कुलाधिपति के आदेशों के बाद भी किसी प्रकार से कोई स्थिति स्पष्ट नहीं करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है जिससे छात्रों के उज्जवल भविष्य पर ग्रहण लगता है प्रदर्शित हो रहा है । उन्होंने यही बताया कि पूर्णियाँ कॉलेज,पूर्णियाँ में कार्यरत विश्वविद्यालय को जल्द अलग स्थान पर स्थानांतरित करें जिस कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को बचाया जाए । इन सभी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द पूरा करें! अभी तो 'लापता कुलपति' अभियान की सिर्फ शुरुआत हुई है! मांगो को जल्द पूरा नहीं करने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगी जिसकी सारी जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी" ।
इस मौके पर विभाग संयोजक रवि गुप्ता, नगर सहमंत्री युवराज मेहता, कार्यालय मंत्री पीयूष ठाकुर, दीपक कुमार झा,नूपुर शुभांगी, आशुतोष दुबे,आशुतोष कुमार झा,मधु कुमारी, अंजली कुमारी, पूजा कुमारी, कोमल कुमारी, राहुल यादव, अक्षय कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे!



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