बिहार के बीएड कॉलेजों में सत्र 2018-20 में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई है। राज्य के 14 विश्वविद्यालयों ने नालंदा खुला विश्वविद्यालय को कुल 321 बीएड कॉलेजों की सूची सौंपी है। जांच के बाद इनमें से 71 कॉलेजों को प्रवेश परीक्षा में शामिल होने पर संशय की स्थिति है।
नालंदा खुला विवि के कुलसचिव व संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के नोडल पदाधिकारी डॉ. एसपी सिन्हा ने बताया कि एनसीटीई या विवि की ओर से 250 बीएड कॉलेजों की संबद्धता और एनसीटीई से मान्यता संबंधित पत्र मिल चुका है, लेकिन विभिन्न विवि के 71 बीएड कॉलेजों के जुड़े कागजात एनओयू को नहीं मिले हैं।
इन विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को पत्र लिखकर इन कॉलेजों की संबद्धता और एनसीटीई की मान्यता से जुड़े कागजात सोमवार तक मांगे गए हैं। कुलसचिव ने कहा कि कागजात नहीं मिले तो नियमानुसार इन कॉलेजों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस लिस्ट में सबसे ज्यादा मगध विवि के 13 बीएड कॉलेज हैं। नवसृजित पाटलिपुत्र विवि के आठ कॉलेजों की यही स्थिति है ।
22 मई को जारी होगी फाइनल सूची: राज्य नोडल पदाधिकारी ने डॉ. सिन्हा ने बताया कि नालंदा खुला विवि ने बीएड कॉलेजों के सूचीकरण का काम लगभग पूरा कर लिया है। 22 मई को संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले कॉलेजों की सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में दी गई है अर्जी:नालंदा खुला विवि ने बीएड के नए सत्र की शुरुआत के लिए 1 अगस्त तक तिथि बढ़ाने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दी है। चूंकि बिहार में पहली बार संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिले की तैयारी है, इसलिए प्रक्रियागत देरी का हवाला दिया गया है। सोमवार को विवि की अर्जी पर सुनवाई होगी।
कॉलेजों की मान्यता से जुड़े प्रमाणपत्र ही मिले एनओयू को
कॉलेज मगध विश्वविद्यालय के, जिनकी मान्यता पर संशय
विवि ने एनओयू को भेजी थी 321 बीएड कॉलेजों की सूची
' नामांकन के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा से हो सकते हैं वंचित
' एनओयू ने संबंधित विश्वविद्यालयों को दिया है आज तक का समय



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