कोरोना वायरस के बढ़ते संकट को रोकने के लिए बीते 24 मार्च की मध्यरात्रि से पूरे देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई। जिसके बाद सारे कामकाज ठप गई। इस लॉकडाउन की सबसे अधिक मार गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ी है। गरीब और दिहाड़ी मजदूर किसी प्रकार से परेशान न हो इसके लिए उनकी हर तरह से मदद कर रही है। इसी कड़ी में केंद्र की
मोदी सरकार ने गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के बैंक खातों में पैसे डालने का एलान किया था। देशभर में लॉकडाउन की घोषणा के बाद सरकार गरीब महिलाओं के जनधन खाते में हर महीने 500 रुपये डालेगी, यह मदद की रकम तीन महीने तक दी जाएगी। अब इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) ने सभी बैंकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वह अपने यहां महिलाओं के जनधन खाते में 3 मार्च से 500 रुपये हर महीने डालना शुरू कर दें। इस महीने यह
रकम महिलाओं के खाते में 3 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच डाले जाएंगे। केंद्र सरकार के आदेशानुसार महिलाओं के जनधन खाते में तीन महीने तक हर महीने 500 रुपये की राशि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मदद में दी जाएगी। खाताधारकों के अकाउंट में पैसे उनके अकाउंट नंबर के आखिरी अंक के अनुसार अलग-अलग दिन डाले जाएंगे, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
नियम के मुताबिक-
– जिन जनधन खातों की आखिरी डिजिट 0 या 1 है, उसे खाते में कल यानी 3 अप्रैल को पैसे डाले जाएंगे
– जिन जनधन खातों की आखिरी डिजिट 2 या 3 है, उसे खाते में 4 अप्रैल को पैसे डाले जाएंगे
– जिन जनधन खातों की आखिरी डिजिट 4 या 5 है, उसे खाते में 7 अप्रैल को पैसे डाले जाएंगे
– जिन जनधन खातों की आखिरी डिजिट 6 या 7 है, उसे खाते में 8 अप्रैल को पैसे डाले जाएंगे
– जिन जनधन खातों की आखिरी डिजिट 8 या 9 है, उसे खाते में 9 अप्रैल को पैसे डाले जाएंगे
गौरतलब है कि बीते दिनों देश में लॉकडाउन के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि गरीब महिलाओं के जनधन खातों में हर महीने 500 रुपये डाले जाएंगे। कुल जनधन खातों में 53 फीसदी महिलाओं के नाम है। इस तरह से करीब 20 करोड़ महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।



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