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शनिवार, 11 अप्रैल 2020

सब मिलकर साकारात्मक सोच के साथ कोरोना का करें खात्मा : प्रांगण रंगमंच




वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से पूरे देश में लाॅकडाउन के दौरान हो रहे परेशानी और उससे निपटने को लेकर प्रांगण रंगमंच के सदस्यों ने ऑनलाइन परिचर्चा आयोजित की. प्रांगण रंगमंच के अध्यक्ष डाॅ. संजय कुमार परमार की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखते हुए सदस्यों ने अपने-अपने घरों से परिचर्चा में ऑनलाइन अपनी बातें



रखी. परिचर्चा के मुख्य वक्ता संदीप शांडिल्य ने कोरोना के दौरान विश्वस्तर पर हुए हुई परेशानी की चर्चा करते हुए कहा कि हमें सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाना है. इस विषम परिस्थिति में हमें नकारात्मक छवि को दूर करना है. सृजनात्मक और रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाना है. कार्यक्रम का संचालन करते हुए गायिका शशिप्रभा जायसवाल ने कहा कि कोरोना ने वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है हमें इस महामारी से लड़ने के लिए स्वयं सीमित होना होगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने अंदर की अच्छाइयों को उजागर करने का समय है. उन्होंने कहा कि प्रकृति



को बचाने और पारिवारिक मूल्यों को समझने के लिए यह अच्छा मौका है. चर्चा में अमित आनंद ने कहा कि हमने प्रकृति के साथ काफी छेड़छाड़ किया है जिसका नतीजा आज पूरे विश्व को झेलना पड़ रहा है. इस लॉकडाउन ने प्रकृति को सजने और संवरने का मौका दिया है. खुशबू आजाद और शिवांगी गुप्ता ने कहा कि स्कूल-कॉलेज बंद रहने के बावजूद हमें अपने पढ़ाई लिखाई और अन्य कार्यों में व्यस्त रहने की आवश्यकता है. इसके लिए हमें नई


तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए. आशीष कुमार सत्यार्थी ने कहा कि लॉक डॉन ने हमें जीने का सलीका बताया है. हम अपने परिजनों से दूर होते जा रहे थे जो हमें अब नजदीक ला रहा है. गरिमा उर्विशा ने कहा कि आनेवाले समय में रोजगार की भारी समस्या उत्पन्न होगी. जिसमें मध्यम वर्गीय परिवार को बहुत परेशानियों का सामना पड़ेगा. प्राइवेट संस्थाओं के कर्मियों पर आर्थिक मंदी का  बहुत प्रभाव पड़ेगा. लेकिन इस लॉकडाउन में भी मधेपुरा में विभिन्न संस्थाओं और स्वयंसेवकों ने गरीब लोगों के



लिए रोजाना भोजन प्रबंध करने का जो बीड़ा उठाया हुआ है वह स्वागतयोग्य एवं सराहनीय है. शिवानी अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन को हम सकारात्मक रूप में लेते हुए अपने जीवन को सुखमय बनाने में मददगार साबित हों. उन्होंने कहा कि प्रकृति में भी काफी बदलाव आया है. संजय कुमार परमार ने बताया कि हमें लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करना चाहिए. अगर लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाती है तो भी हम इसका पूरे जोश के साथ समर्थन करें और अपने घर में ही रह कर देश और समाज की सेवा करें. उन्होंने कहा कि कोरोना को हराने के लिए सबों को एकजुट होकर सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए कोरोना वाॅरियर्स का हौसला बढ़ाने की जरूरत है. मौके पर सुनीत साना, शशि भूषण कुमार, विद्यांशु कुमार सहित अन्य शामिल थे.

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