गरिमा उर्विशा ::अब कोसी के लोगों को लॉकडाउन के प्रति हाइ अलर्ट हो जाना सिर्फ जरूरी नहीं रह गया है बल्कि यही वो एकमात्र प्रिकॉशन बच गया है जिससे कोसी की आबादी कोसी में दस्तक दे चुके कोरोना को हरा सकते हैं। सहरसा में एक केस पॉजिटिव होने की सूचना मिली है।
कोरोना वायरस के रूप में भारत एक ऐसे विकराल जाल में फंस गया है कि यदि एक भी लोग संयम खोते हैं तो धीरे-धीरे सब स्वाहा हो जाएंगे।
स्थिति गंभीर है... यही सच है और जितना हम जान रहे हैं, समझ रहे हैं उससे कहीं ज्यादा गंभीर है। कितना, ये आप सरकार द्वारा आवंटित तीन माह के राहत पैकेज से अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना से मुकाबला कितना भयावह और लम्बा होने वाला है। लेकिन हम चाहे तो इसकी भयावहता पर अंकुश लगा सकते हैं।
हम लगातार लगे हुए हैं। चाहे वह खबरों का संकलन हो या सामाजिक व्यवस्था पर नियंत्रण की बात हो, समाज में रह रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मदद और उन तक अन्न - पानी पहुंचाने की बात हो। हमारी पूरी टीम अलग-अलग टुकड़ियों में काम कर रही है। जरूरत पड़ने पर हम राशन, फल, दूध, सब्जी, दवा की होम डिलीवरी तक के लिए तैयार हैं।
साथ ही इसका भी खास ख्याल रख रहे हैं कि हम मदद कर मानवता का फर्ज निभाते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी निर्देशों का भी पालन करें। आप भी हमारी मदद किजिए। हम धीरे-धीरे इसके जाल में फंसते ही जा रहे हैं। कोरोना ने भारत के सुदूर इलाके कोशी क्षेत्र में भी अपने पांव पसार दिए हैं। अब इस स्टेज में अगर हम सब जहां हैं वहीं नहीं रूकते हैं तो आलम बहुत ज्यादा खतरनाक होने वाला है। शायद यह लॉकडाउन अनवरत कई महीनों का सबब बन जाएगा... न जानें क्या खौफनाक मंजर होगा। हमारा संयम हीं कोरोना से लड़ने के लिए एकमात्र हथियार है।



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