आज कार्यक्रम की उद्घाटन फादर विजय टुडू द्वारा विधिवत किया गया ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय अरार घाट संथाली टोला के फुटबॉल मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के बैनर तले विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। जिसकी अध्यक्षता बामसेफ के पूर्व जिला अध्यक्ष सुभाष पासवान ने की कार्यक्रम की शुरुआत संथाली टोला के आदिवासी पुरुषों द्वारा ढोल -नगाड़े के साथ पारम्परिक नृत्य से किया गया उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सुभाष पासवान ने कहा कि 9 अगस्त 1982 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आदिवासियों के हक और अधिकार पर विशेष जोर दिया गया था उसी दिन से पूरे विश्व में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है । आदिवासी का पहचान मिटाया जा रहा है और आदिवासी पुलिस की टीम बनाकर जंगल के आदिवासियों को मरवाने की साजिश चल रही है ।
मुख्य वक्ता के रूप में BNMU मधेपुरा के सिनेट एवं सिंडीकेट सदस्य
डॉक्टर जवाहर पासवान ने कहा कि शिक्षा रूपी हथियार के बिना हम अपने अधिकार को नहीं पा सकते आदिवासी समाज को विकास से वंचित किया जा रहा है । इसके लिए आदिवासी समाज को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा डा.पासवान ने कहा की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही केंद्र की सभी सरकार इन समुदायों को संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा है जो दुखद है ।
श्रीमंत प्रसाद यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति जल , जंगल , जमीन पर डाका डाला जा रहा है इसलिए आदिवासियों को जागरूक होकर लड़ाई लड़नी होगी
सुबोध सौरव ने आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज आदिवासियों को जल जंगल जमीन से बेदखल किया जा रहा है बाबा साहब अंबेडकर के द्वारा अनुच्छेद 342 के अंतर्गत आदिवासियों को दिए गए अधिकार को खत्म करने की साजिश रची जा रची जा रही है। इसलिए आदिवासियों को जागृत कर आंदोलन करना होगा
कांडी राम बिरौली ने कहा कि आदिवासियों की समस्या समाधान करने के बजाय उनकी पहचान को मिटाया जा रहा हैI
आदिवासी दिवस समारोह को फादर विजय टूडु ,कानहूं बासकी, राजेश रंजन , मुन्ना पासवान , मनोज राम, दिनेश ऋषिदेव, मनोज पासवान, संतोष संगम , श्रीनिवास कुमार, बालेश्वर बौद्ध , रविंद्र पासवान आदि ने संबोधित किया मंच संचालन राहुल पासवान एवं धन्यवाद ज्ञापन बामसेफ के संजय राम ने किया कार्यक्रम में आदिवासी नृत्य एवं गीत भी प्रस्तुत किया गया अभिषेक वासकी , आशीष हेमराम ,अभिषेक , सागर हसदा, कुलदीप सोरेन, निरंजन हेम्बरम, अजय , आनंद हेम्बरम , नीरज , राम ,अंकित मरांडी, रोशन मरांडी, अरविंद एवं राजीव मरांडी के द्वारा आदिवासी समूह नृत्य प्रस्तुत किया गयाl




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