संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित पीजी समाजशास्त्र विभाग में नामांकन के लिए 3 महीने से दौड़ रही पीड़ित छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पहल की। छात्र राजद के टीपी कॉलेज अध्यक्ष अभिमन्य कुमार एवं काउंसिल मेंबर सोनू यादव के नेतृत्व में शिष्ट मंडल ने कुलपति से मिल कर छात्रों को न्याय दिलाने व दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने कहा कि दीपशिखा नाम की छात्रा नामांकन के लिए 3 महीने से दौर रही है। लेकिन छात्रा का अब तक नामांकन नहीं लिया गया है। जबकि विवि में छात्रा के साथ अश्लील व्यवहार किया गया। छात्रा कुलपति से मिलने गई तो उसे मिलने नहीं दिया गया और उन्हें पागल कह कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। छात्रा को विवि से बाहर करने के लिए महिला पुलिस को बुलाना पड़ा यह विवि के लिए शर्म की बात है। वहां छात्रा की समस्या का समाधान ना कर विवि के पदाधिकारी उसे पागल घोषित करने में लगे हुए थे। इस बीच विवि की पदाधिकारी डॉ प्रज्ञा प्रसाद ने छात्रा को शरण दी। डॉ प्रज्ञा प्रसाद ने उनके परिजनों को बुला कर बात की। इस दौरान डरी सहमी छात्रा ने बताया कि विभाग के कई शिक्षक अश्लील शब्दों का प्रयोग कर उन्हें बाहर निकाल दिया। वहीं डॉ प्रज्ञा यादव ने विवि प्रशासन के दवाब पर नामांकन नहीं लेने की बात कही। छात्र राजद ने कुलपति से छात्रा के साथ अश्लील व्यवहार करने दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित पीजी समाजशास्त्र विभाग में नामांकन के लिए 3 महीने से दौड़ रही पीड़ित छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पहल की। छात्र राजद के टीपी कॉलेज अध्यक्ष अभिमन्य कुमार एवं काउंसिल मेंबर सोनू यादव के नेतृत्व में शिष्ट मंडल ने कुलपति से मिल कर छात्रों को न्याय दिलाने व दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने कहा कि दीपशिखा नाम की छात्रा नामांकन के लिए 3 महीने से दौर रही है। लेकिन छात्रा का अब तक नामांकन नहीं लिया गया है। जबकि विवि में छात्रा के साथ अश्लील व्यवहार किया गया। छात्रा कुलपति से मिलने गई तो उसे मिलने नहीं दिया गया और उन्हें पागल कह कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। छात्रा को विवि से बाहर करने के लिए महिला पुलिस को बुलाना पड़ा यह विवि के लिए शर्म की बात है। वहां छात्रा की समस्या का समाधान ना कर विवि के पदाधिकारी उसे पागल घोषित करने में लगे हुए थे। इस बीच विवि की पदाधिकारी डॉ प्रज्ञा प्रसाद ने छात्रा को शरण दी। डॉ प्रज्ञा प्रसाद ने उनके परिजनों को बुला कर बात की। इस दौरान डरी सहमी छात्रा ने बताया कि विभाग के कई शिक्षक अश्लील शब्दों का प्रयोग कर उन्हें बाहर निकाल दिया। वहीं डॉ प्रज्ञा यादव ने विवि प्रशासन के दवाब पर नामांकन नहीं लेने की बात कही। छात्र राजद ने कुलपति से छात्रा के साथ अश्लील व्यवहार करने दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।



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