मेरे संबल पालनहार
निश्छल,निरन्तर प्रेम की मूरत
ज्ञान का भंडार,प्यारी सूरत,
परिवार के संबल पालनहार
आपसे ही है मेरे संस्कार,
घर मे आपसे ही अनुशासन
आप ही तो है प्रेम के प्रशासक,
हैं आपके हम आभारी
हमे दिखलाई दुनिया सारी,
हमारी सुरक्षा आपके हाथ
नही तो हम सब है अनाथ,
कमी की पूर्ति,प्यार की मूरत
जब से देखी,आपकी सूरत,
हमारा अभिमान,हमारी जान हो
दुनिया की सबसे खूबसूरत भगवान् हो,
आप हो एकता,जीवन का हो अनुवाद
सदैव बना रहे पापा आपका
हमसब पर आशीर्वाद,
मेरे संबल पालन-हार
युगों - युगों तक हो
आपकी जय जयकार।।
विकाश देव
मधेपुरा
निश्छल,निरन्तर प्रेम की मूरत
ज्ञान का भंडार,प्यारी सूरत,
परिवार के संबल पालनहार
आपसे ही है मेरे संस्कार,
घर मे आपसे ही अनुशासन
आप ही तो है प्रेम के प्रशासक,
हैं आपके हम आभारी
हमे दिखलाई दुनिया सारी,
हमारी सुरक्षा आपके हाथ
नही तो हम सब है अनाथ,
कमी की पूर्ति,प्यार की मूरत
जब से देखी,आपकी सूरत,
हमारा अभिमान,हमारी जान हो
दुनिया की सबसे खूबसूरत भगवान् हो,
आप हो एकता,जीवन का हो अनुवाद
सदैव बना रहे पापा आपका
हमसब पर आशीर्वाद,
मेरे संबल पालन-हार
युगों - युगों तक हो
आपकी जय जयकार।।
विकाश देव
मधेपुरा



मेरी कविता को जगह देने के लिए...धन्यवाद
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