संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित परीक्षा विभाग में शुक्रवार को कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। इस दौरान परीक्षा विभाग की खिड़की पर लटक रहे छात्रों को देख बिफरे कुलपति ने पदाधिकारियों की जम कर क्लास लगाई। मौके पर पदाधिकारियों से कुलपति ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के आवेदन पर परीक्षा विभाग एक दिन में कार्रवाई करें ताकि समय पर छात्र अपने घर लौट सके। कुलपति ने परीक्षा विभाग में महीनों से रखे आवेदनों को देख कर सवाल किया कि आखिर छात्रों की समस्या का समाधान समय पर क्यों नहीं किया गया। कुलपति को जवाब देने में अधिकारी सक्षम नहीं हुए और पीछे हट गए।
उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा विभाग में एक काउंटर बना कर छात्रों का आवेदन जमा करें और प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर उसका निष्पादन करें। इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो डॉ फारूक अली, परीक्षा नियंत्रक डॉ नवीन कुमार, परीक्षा उपकुलसचिव, डॉ शशिभूषण, डॉ संजय कुमार मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। विवि परिसर स्थित परीक्षा विभाग में पेंडिंग रिजल्ट क्लियर कराने के लिए हर रोज सैकड़ों छात्रों की भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष जारी पार्ट वन के परीक्षा परिणाम में करीब 10 हजार छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग रह गया था। वहीं इससे पहले विभिन्न संकायों के परीक्षा परिणाम में 22 हजार छात्रों के पेंडिंग रिजल्ट को क्लियर करने में परीक्षा विभाग को कुछ हद तक सफलता हाथ लगी है। हालांकि विवि द्वारा बनाए गए पेंडिंग सेल के कार्यरत नहीं रहने से परीक्षा विभाग की परेशानी बढ़ गई है। अब सवाल उठता है कि आखिर विवि को त्रूटिपूर्ण रिजल्ट से कब मुक्ति मिलेगी। जब तक रिजल्ट में सुधार नहीं होगा छात्र इसी तरह परेशान होंगे और विवि का चक्कर लगाते रहेंगे।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित परीक्षा विभाग में शुक्रवार को कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। इस दौरान परीक्षा विभाग की खिड़की पर लटक रहे छात्रों को देख बिफरे कुलपति ने पदाधिकारियों की जम कर क्लास लगाई। मौके पर पदाधिकारियों से कुलपति ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के आवेदन पर परीक्षा विभाग एक दिन में कार्रवाई करें ताकि समय पर छात्र अपने घर लौट सके। कुलपति ने परीक्षा विभाग में महीनों से रखे आवेदनों को देख कर सवाल किया कि आखिर छात्रों की समस्या का समाधान समय पर क्यों नहीं किया गया। कुलपति को जवाब देने में अधिकारी सक्षम नहीं हुए और पीछे हट गए।
उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा विभाग में एक काउंटर बना कर छात्रों का आवेदन जमा करें और प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर उसका निष्पादन करें। इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो डॉ फारूक अली, परीक्षा नियंत्रक डॉ नवीन कुमार, परीक्षा उपकुलसचिव, डॉ शशिभूषण, डॉ संजय कुमार मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। विवि परिसर स्थित परीक्षा विभाग में पेंडिंग रिजल्ट क्लियर कराने के लिए हर रोज सैकड़ों छात्रों की भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष जारी पार्ट वन के परीक्षा परिणाम में करीब 10 हजार छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग रह गया था। वहीं इससे पहले विभिन्न संकायों के परीक्षा परिणाम में 22 हजार छात्रों के पेंडिंग रिजल्ट को क्लियर करने में परीक्षा विभाग को कुछ हद तक सफलता हाथ लगी है। हालांकि विवि द्वारा बनाए गए पेंडिंग सेल के कार्यरत नहीं रहने से परीक्षा विभाग की परेशानी बढ़ गई है। अब सवाल उठता है कि आखिर विवि को त्रूटिपूर्ण रिजल्ट से कब मुक्ति मिलेगी। जब तक रिजल्ट में सुधार नहीं होगा छात्र इसी तरह परेशान होंगे और विवि का चक्कर लगाते रहेंगे।



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