05 जून 2018
संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय और पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा विवाद में डेढ़ लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। दिसंबर 2018 तक सत्र नियमितिकरण की दिशा में बढ़ रहे बीएनएमयू पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति ने यह कह कर विराम लगा दिया है कि अब सभी परीक्षाएं पीयू लेगी। जबकि बीएनएमयू में डिग्री पार्ट वन, पार्ट टू, पार्ट र्थी और बीएड पार्ट वन और पार्ट टू की सारी तैयारीयां पूरी कर ली गई है। विवि ने परीक्षाओं की संभावित तिथि जारी कर राजभवन को इससे अवगत करा दिया है। लेकिन इस बीच पूर्णिया विश्वविद्यालय के रूख से तय समय पर परीक्षाओं के संचालन पर संशय के बादल मंडराने लगा है। ज्ञात हो कि बीएन मंडल विवि से अगल होकर बने पूर्णिया विवि का बंटवारा विवाद कई महीनों से चल रहा है। लेकिन अब तक ना तो विवि स्तर पर और ना ही राजभवन व राज्य सरकार दोनों विवि के विवाद को सुलझा सकी है। अब इस विवाद में छात्र भी पीसने लगे हैं।
बीएनएमयू व पीयू के बढते विवाद को देखते हुए सोमवार को पटना में राजभवन व राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से पहल की। इस बाबत प्रधान सचिव व अपर सचिव के साथ दोनों कुलपति की बैठक आयोजित कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें पहला निर्णय यह लिया गया कि बीएनएमयू पीयू को एक करोड़ रुपए देगी। वहीं निर्णय लिया गया कि विवि में कार्यरत पूर्णिया विवि के कर्मचारियों को बीएनएमयू जल्द से जल्द पीयू को वापस करें। 31 मार्च 2018 तक रिटायर होने वाले शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों का भुगतान बीएनएमयू से होगा। इसके बाद पूर्णिया विवि रिटायार शिक्षक व कर्मियों का भुगतान खुद करेगी। वहीं 28 फरवरी तक एरियर भुगतान की जिम्मेवारी बीएनएमयू को दी गई है।
बीएनएमयू व पीयू के बीच चल रहे परीक्षा विवाद को समाप्त करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस 3 सदस्यीय कमेटी में बिहार के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सदस्य बनाया गया है। कमेटी यह निर्णय लेगी कि किस-किस परीक्षा का संचालन पूर्णिया विश्वविद्यालय करेगी और कौन-कौन परीक्षाएं बीएनएमयू में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि पूर्णिया विश्वविद्यालय सत्र 2016-17 से सभी परीक्षाएं आयोजित करने का दावा कर रही है। वहीं बीएनएमयू प्रशासन ने इच्छा जाहिर की है कि बैकलॉग की सारी परीक्षाएं संयुक्त रूप एक साथ बीएनएमयू में आयोजित हो।
वर्जन
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संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय और पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा विवाद में डेढ़ लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। दिसंबर 2018 तक सत्र नियमितिकरण की दिशा में बढ़ रहे बीएनएमयू पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति ने यह कह कर विराम लगा दिया है कि अब सभी परीक्षाएं पीयू लेगी। जबकि बीएनएमयू में डिग्री पार्ट वन, पार्ट टू, पार्ट र्थी और बीएड पार्ट वन और पार्ट टू की सारी तैयारीयां पूरी कर ली गई है। विवि ने परीक्षाओं की संभावित तिथि जारी कर राजभवन को इससे अवगत करा दिया है। लेकिन इस बीच पूर्णिया विश्वविद्यालय के रूख से तय समय पर परीक्षाओं के संचालन पर संशय के बादल मंडराने लगा है। ज्ञात हो कि बीएन मंडल विवि से अगल होकर बने पूर्णिया विवि का बंटवारा विवाद कई महीनों से चल रहा है। लेकिन अब तक ना तो विवि स्तर पर और ना ही राजभवन व राज्य सरकार दोनों विवि के विवाद को सुलझा सकी है। अब इस विवाद में छात्र भी पीसने लगे हैं।
बीएनएमयू व पीयू के बढते विवाद को देखते हुए सोमवार को पटना में राजभवन व राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से पहल की। इस बाबत प्रधान सचिव व अपर सचिव के साथ दोनों कुलपति की बैठक आयोजित कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें पहला निर्णय यह लिया गया कि बीएनएमयू पीयू को एक करोड़ रुपए देगी। वहीं निर्णय लिया गया कि विवि में कार्यरत पूर्णिया विवि के कर्मचारियों को बीएनएमयू जल्द से जल्द पीयू को वापस करें। 31 मार्च 2018 तक रिटायर होने वाले शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों का भुगतान बीएनएमयू से होगा। इसके बाद पूर्णिया विवि रिटायार शिक्षक व कर्मियों का भुगतान खुद करेगी। वहीं 28 फरवरी तक एरियर भुगतान की जिम्मेवारी बीएनएमयू को दी गई है।
बीएनएमयू व पीयू के बीच चल रहे परीक्षा विवाद को समाप्त करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस 3 सदस्यीय कमेटी में बिहार के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सदस्य बनाया गया है। कमेटी यह निर्णय लेगी कि किस-किस परीक्षा का संचालन पूर्णिया विश्वविद्यालय करेगी और कौन-कौन परीक्षाएं बीएनएमयू में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि पूर्णिया विश्वविद्यालय सत्र 2016-17 से सभी परीक्षाएं आयोजित करने का दावा कर रही है। वहीं बीएनएमयू प्रशासन ने इच्छा जाहिर की है कि बैकलॉग की सारी परीक्षाएं संयुक्त रूप एक साथ बीएनएमयू में आयोजित हो।
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