संपादक- आर.कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत आर एम कॉलेज सहरसा में प्रॉक्टर-प्राचार्य विवाद के बाद प्राचार्य डॉ राम वल्लभ झा को पद से हटाने और उन्हें जबरन अवकाश पर भेजने का निर्णय विवि प्रशासन को महंगा पड़ गया है। इसके विरोध में सबसे पहले रमेश झा महिला कॉलेज में आक्रोशित छात्रों ने कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर को 3 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद आरएम कॉलेज में तालाबंदी कर दी। वहीं विगत दो दिनों से सहरसा स्थित सभी अंगीभूत कॉलेजों को बंद कर छात्रों ने पठन-पाठन का कार्य ठप कर दिया है। इस बीच मंगलवार को विवि पहुंचे अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रोवीसी प्रो डॉ फारूक अली से मिल कर सहरसा में बंद कॉलेजों को खुलवा कर वहां पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन जल्द से जल्द पहल करते हुए सहरसा के सभी कॉलेजों में काम-काज सुचारू ढंग से संचालित कराएं। इस दौरान अभाविप के विभाग संयोजक मुरारी कुमार मयंक, रंजन यादव, विवि छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अमृतराज, सेंट्रल कौंसिल मेंबर दिलीप कुमार दिल, अभिनंदन कुमार, अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार राय सहित अन्य मौजूद थे।
अभाविप के प्रदेश सह मंत्री सुजीत सान्याल के नेतृत्व में 10 सदस्यीय शिष्ट मंडल ने प्रोवीसी को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि आरएम कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आर बी झा को अनुशासन समिति के द्वारा जबरन फोर्स लिव पर भेजे जाने के कारण छात्रों में भारी आक्रोश है। सहरसा के सभी महाविद्यालय 3 दिन से बंद है। उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति के निर्णय पर पुनर्विचार कर उनको जबरन अवकाश से वापस किया जाए ताकि सभी महाविद्यालय फिर से सुचारू ढंग से संचालित हो सके। मौके पर छात्र संघ के संयुक्त सचिव अमृतराज एवं सेंट्रल काउंसिल मेंबर दिलीप कुमार दिल व अभिनंदन कुमार ने कुलपति को आवेदन देकर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर विवि में छात्रसंघ कार्यालय खोलने की मांग की। मौके पर प्रोवीसी ने परिसंपदा पदाधिकारी को छात्र संघ कार्यालय के लिए जगह आवंटित करने का निर्देश दिया।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत आर एम कॉलेज सहरसा में प्रॉक्टर-प्राचार्य विवाद के बाद प्राचार्य डॉ राम वल्लभ झा को पद से हटाने और उन्हें जबरन अवकाश पर भेजने का निर्णय विवि प्रशासन को महंगा पड़ गया है। इसके विरोध में सबसे पहले रमेश झा महिला कॉलेज में आक्रोशित छात्रों ने कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर को 3 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद आरएम कॉलेज में तालाबंदी कर दी। वहीं विगत दो दिनों से सहरसा स्थित सभी अंगीभूत कॉलेजों को बंद कर छात्रों ने पठन-पाठन का कार्य ठप कर दिया है। इस बीच मंगलवार को विवि पहुंचे अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रोवीसी प्रो डॉ फारूक अली से मिल कर सहरसा में बंद कॉलेजों को खुलवा कर वहां पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन जल्द से जल्द पहल करते हुए सहरसा के सभी कॉलेजों में काम-काज सुचारू ढंग से संचालित कराएं। इस दौरान अभाविप के विभाग संयोजक मुरारी कुमार मयंक, रंजन यादव, विवि छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अमृतराज, सेंट्रल कौंसिल मेंबर दिलीप कुमार दिल, अभिनंदन कुमार, अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार राय सहित अन्य मौजूद थे।
अभाविप के प्रदेश सह मंत्री सुजीत सान्याल के नेतृत्व में 10 सदस्यीय शिष्ट मंडल ने प्रोवीसी को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि आरएम कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आर बी झा को अनुशासन समिति के द्वारा जबरन फोर्स लिव पर भेजे जाने के कारण छात्रों में भारी आक्रोश है। सहरसा के सभी महाविद्यालय 3 दिन से बंद है। उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति के निर्णय पर पुनर्विचार कर उनको जबरन अवकाश से वापस किया जाए ताकि सभी महाविद्यालय फिर से सुचारू ढंग से संचालित हो सके। मौके पर छात्र संघ के संयुक्त सचिव अमृतराज एवं सेंट्रल काउंसिल मेंबर दिलीप कुमार दिल व अभिनंदन कुमार ने कुलपति को आवेदन देकर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर विवि में छात्रसंघ कार्यालय खोलने की मांग की। मौके पर प्रोवीसी ने परिसंपदा पदाधिकारी को छात्र संघ कार्यालय के लिए जगह आवंटित करने का निर्देश दिया।



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