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बुधवार, 23 मई 2018

दर्दनाक : रोहिंग्या मुसलमानों ने किया था म्यांमार में सैकड़ों हिंदुओं का सामूहिक नरसंहार, एमनेस्टी के रिपोर्ट से खुलासा

नई दिल्ली । म्यांमार के रखाइन राज्य में रोहिंग्याओं पर हो रही हिंसा और उनके पलायन के बीच वहां रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं को लेकर भी एक बड़ा खुलासा हुआ है। म्यांमार के स्टेट काउंसलर इन्फर्मेशन ऑफिस ने बताया कि 25 अगस्त को 300 रोहिंग्याओं ने 100 हिंदुओं का अपहरण किया और उनमें से 92 को मौत के घाट उतार दिया गया लेकिन इनमें से 8 किसी तरह बच गए। ये सभी महिलाएं थीं जिन्हें बाद में इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया और फिर बांग्लादेश ले जाया गया। 

म्यांमार की सेना को 28 हिंदुओं की सामूहिक कब्र मिलने के दो दिन बाद यह खुलासा हुआ है। उत्तरी रखाइन के एक गांव के बाहर मिली इस कब्र में महिलाओं और बच्चों के शव भी शामिल थे। म्यांमार की सेना के मुताबिक यह सामूहिक कब्र रखाइन राज्य में रोहिंग्या चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे नरसंहार का सबूत है। 



हमारे सहयोगी चैनल 'टाइम्स नाउ' से बातचीत में कुछ हिंदू शरणार्थियों ने भी यह बताया कि किस तरह उन्हें रोहिंग्या चरमपंथियों ने डरा-धमका कर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया। रखाइन के एक निवासी ने बताया, 'रोहिंग्या आतंकवादियों ने हमपर तलवार, भाले और बंदूकों से हमला किया जिसके बाद हमें रखाइन से भागना पड़ा। वे सैकड़ों की संख्या में थे और किशोर लड़कों से लेकर 30-35 साल की उम्र के थे। उन्होंने कहा कि यह एक इस्लामिक राज्य है। वे चिल्ला रहे थे कि यह हमारा रोहिंग्या राज्य है। हमने उनसे कहा कि रखाइन उनका नहीं है। उन्होंने कहा कि वे हिंदुओं को मार देंगे और हमने उन्हें ऐसा करते भी देखा। जब उन्होंने हमारे घरों को आग लगा दी तो हम वहां से भाग गए।' 
रखाइन के इस निवासी ने यह भी दावा किया कि 30 से ज्यादा हिंदू गायब थे जिनमें से 8 के शव बरामद किए गए हैं। सोमवार को 17 और हिंदुओं के शव बरामद किए हैं। रखाइन से भागने में कामयाब रही एक अन्य महिला ने टाइम्स नाउ को बताया, 'वे नकाब पहने आते थे। उनकी आंखों के अलावा कुछ नहीं देखा। उन्होंने हमें दबोच लिया। उनके पास बंदूकें, कुल्हाड़ी, चाकू थे। उन्होंने मेरे एक रिश्तेदार को गला रेतकर मार दिया। उन्होंने जबर्दस्ती हमें इस्लाम कबूल करवाया। उन्होंने मेरे पति, ननद और उनके बेटे को गला रेतकर मार दिया।' 
एक अन्य बांग्लादेशी सहायक ने बताया, 'रोहिंग्या मुस्लिमों को म्यांमार सेना के साथ ही रखाइन में रह रहे अन्य धर्मों के लोगों से दिक्कत है। वे हिंदुओं को तकलीफ पहुंचा रहे हैं और उन्हें रखाइन से भगा रहे हैं। हिंदू परिवारों को निर्दयता से काटा जा रहा है।' 

बता दें कि उत्तरी रखाइन में बीते 25 अगस्त से ही हिंसा छिड़ी हुई है, जब रोहिंग्या चरमपंथियों ने पुलिस और सेना की पोस्ट्स पर हमला किया था। इसके बाद से सेना की कार्रवाई जारी है और इस हिंसा की वजह से संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अभी तक 4 लाख 30 हजार रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में शरण लेनी पड़ी है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे नस्लीय सफाए के लिए जानबूझकर चलाया गया अभियान बताया है। लेकिन रखाइन में रह रहे हजारों हिंदू और बौद्ध भी अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इनका आरोप है कि रोहिंग्या आतंकी इनपर हमला कर रहे हैं।

Report- Navbharat Times

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