संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सोमवार को 11 सदस्यीय शिष्ट मंडल ने कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय से मिल कर नियमावली 2009 के तहत पीएचडी धारकों को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त करने की मांग रखी। उन्होंने कुलपति को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि विवि में पीएचडी की उपाधि प्राप्त लोगों को सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए 5 बिंदुओं पर प्रमाण पत्र विवि निर्गत करें। आलम यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा अब तक प्रमाण पत्र निर्गत करने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के अनुरूप प्रारूपीय आवेदन विवि से निर्गत करने की मांग की, ताकि उन्हें सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में 5 बिंदुओं का प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत किया जा सके। इससे वे किसी भी विश्वविद्यालय में प्राध्यापक पद की नियुक्ति पर आवेदन करने के योग्य हो सकेंगे। मौके पर डॉ प्रभाकर, डॉ संजय कुमार, डॉ अरूण कुमार, डॉ विनोद कुमार, डॉ एमएस रहमान, डॉ अजीत कुमार अजय, डॉ रंजीत कुमार, डॉ कृष्ण कुमार नवीन, डॉ प्रमोद पासवान, डॉ पंकज कुमार, डॉ शशि भूषण कुमार सुमन व डॉ रणविजय कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
पीएचडी धारकों ने कुलपति से कहा कि विवि अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों एवं पीजी विभागों में शिक्षकों के पद काफी संख्या में रिक्त हैं। इसके बावजूद लंबे अरसे से तदर्थ शिक्षक एवं अतिथि प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई है। जबकि महामहिम कुलाधिपति ने शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ कर वर्ग संचालन सुचारू रूप से शुरू कराने के लिए तदर्थ शिक्षक एवं अतिथि प्राध्यापकों की बहाली पर सहमति प्रदान की है।
मौके पर कुलपति ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि पटना विश्वविद्यालय की तर्ज पर बीएनएमयू में पीएचडी धारकों को 5 बिंदुओं पर जल्द ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए प्रारूप भी जल्द से जल्द बनाने का आश्वासन दिया गया। दूसरी मांग पर कुलपति ने कहां की बजट में शामिल 400 तदर्थ अतिथि प्राध्यापक की बहाली संबंधी प्रस्ताव को हमने सरकार को भेजी है। सरकार से मंजूरी मिलने पर विश्वविद्यालय इस दिशा में अग्रतर कार्रवाई करेगी।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सोमवार को 11 सदस्यीय शिष्ट मंडल ने कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय से मिल कर नियमावली 2009 के तहत पीएचडी धारकों को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त करने की मांग रखी। उन्होंने कुलपति को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि विवि में पीएचडी की उपाधि प्राप्त लोगों को सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए 5 बिंदुओं पर प्रमाण पत्र विवि निर्गत करें। आलम यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा अब तक प्रमाण पत्र निर्गत करने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के अनुरूप प्रारूपीय आवेदन विवि से निर्गत करने की मांग की, ताकि उन्हें सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में 5 बिंदुओं का प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत किया जा सके। इससे वे किसी भी विश्वविद्यालय में प्राध्यापक पद की नियुक्ति पर आवेदन करने के योग्य हो सकेंगे। मौके पर डॉ प्रभाकर, डॉ संजय कुमार, डॉ अरूण कुमार, डॉ विनोद कुमार, डॉ एमएस रहमान, डॉ अजीत कुमार अजय, डॉ रंजीत कुमार, डॉ कृष्ण कुमार नवीन, डॉ प्रमोद पासवान, डॉ पंकज कुमार, डॉ शशि भूषण कुमार सुमन व डॉ रणविजय कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
पीएचडी धारकों ने कुलपति से कहा कि विवि अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों एवं पीजी विभागों में शिक्षकों के पद काफी संख्या में रिक्त हैं। इसके बावजूद लंबे अरसे से तदर्थ शिक्षक एवं अतिथि प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई है। जबकि महामहिम कुलाधिपति ने शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ कर वर्ग संचालन सुचारू रूप से शुरू कराने के लिए तदर्थ शिक्षक एवं अतिथि प्राध्यापकों की बहाली पर सहमति प्रदान की है।
मौके पर कुलपति ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि पटना विश्वविद्यालय की तर्ज पर बीएनएमयू में पीएचडी धारकों को 5 बिंदुओं पर जल्द ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए प्रारूप भी जल्द से जल्द बनाने का आश्वासन दिया गया। दूसरी मांग पर कुलपति ने कहां की बजट में शामिल 400 तदर्थ अतिथि प्राध्यापक की बहाली संबंधी प्रस्ताव को हमने सरकार को भेजी है। सरकार से मंजूरी मिलने पर विश्वविद्यालय इस दिशा में अग्रतर कार्रवाई करेगी।



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