बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए पेंशन अदालत का आयोजन कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय की अध्यक्षता में किया गया। अदालत में लगभग 200 मामले आए थे। इनमें से सभी मामलों पर सुनवाई हुई। इसमें कोसी प्रमंडल एवं पूर्णियां प्रमंडल के मार्च 2018 के पूर्व सेवानिवृत्त हुए शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल थे।
कुलपति पेंशनधारियों पर अतिरिक्त ध्यान दे रहे हैं और पेंशन से जुड़े सभी मामलों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। इस उद्देश्य से पहले भी पेंशन अदालत का आयोजन किया जा चुका है। पेंशन अदालत के एक दिन पूर्व शुक्रवार को कुलपति ने पेंशन से संबंधित फाइलों का एक दिन में निष्पादन करने का सख्त आदेश भी जारी किया है।
कुलपति ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए वे दिनरात सेवा भाव से काम कर रहे हैं। सभी पेंशनधारियों का पेंशन ग्रेच्युटी एवं लीव इन केसमेंट का भुगतान हो चुका है। सभी बकाए पेंशन एरियर का एक माह में भुगतान कर दिया जाएगा। लगभग 115 पेंशनधारी के ग्रुप इंश्योरेंस की बकाया राशि के भुगतान का आदेश जारी किया जा चुका है। अन्य के ग्रुप इंश्योरेंस की बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसे तीन चरण में बांटा है। सर्वप्रथम वर्ष 2000 तक, दूसरा 2001-2007 तक और फिर 2008 से अब तक।
वित्त परामर्शी सुरेश चंद्र दास ने बताया कि आवेदन देने वाले सभी सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी की समस्याएं सुनी गयीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया गया। सबका काम होगा। यथाशीघ्र सभी भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। कुलपति महोदय के प्रयास से राज्य सरकार से भी पेंशन मद में राशि प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रयः सभी उपस्थित पेंशनधारियों से आधार कार्ड की छायाप्रति और विश्वविद्यालय के वेबसाईट बीएनएमयू डाॅट एसी डाॅट इन पर उपलब्ध प्रपत्र में लाईफ सर्टिफिकेट (बैंक से अभिप्रमाणित) जमा कराया गया। बचे हुए पेंशनधारी भी अविलंब वित्त विभाग में ये दोनों कागजात जमा कराएं।
मौके पर प्रति कुलपति प्रो. डॉ. फारूक अली, वित्त पदाधिकारी डॉ. एम. एस. पाठक, भवेश कुमार सिंह, विश्वनाथ साह, अभिनन्दन चौधरी, अवनीत कुमार, वैभव कुमार आदि उपस्थित थे।
कुलपति पेंशनधारियों पर अतिरिक्त ध्यान दे रहे हैं और पेंशन से जुड़े सभी मामलों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। इस उद्देश्य से पहले भी पेंशन अदालत का आयोजन किया जा चुका है। पेंशन अदालत के एक दिन पूर्व शुक्रवार को कुलपति ने पेंशन से संबंधित फाइलों का एक दिन में निष्पादन करने का सख्त आदेश भी जारी किया है।
कुलपति ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए वे दिनरात सेवा भाव से काम कर रहे हैं। सभी पेंशनधारियों का पेंशन ग्रेच्युटी एवं लीव इन केसमेंट का भुगतान हो चुका है। सभी बकाए पेंशन एरियर का एक माह में भुगतान कर दिया जाएगा। लगभग 115 पेंशनधारी के ग्रुप इंश्योरेंस की बकाया राशि के भुगतान का आदेश जारी किया जा चुका है। अन्य के ग्रुप इंश्योरेंस की बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसे तीन चरण में बांटा है। सर्वप्रथम वर्ष 2000 तक, दूसरा 2001-2007 तक और फिर 2008 से अब तक।
वित्त परामर्शी सुरेश चंद्र दास ने बताया कि आवेदन देने वाले सभी सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी की समस्याएं सुनी गयीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया गया। सबका काम होगा। यथाशीघ्र सभी भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। कुलपति महोदय के प्रयास से राज्य सरकार से भी पेंशन मद में राशि प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रयः सभी उपस्थित पेंशनधारियों से आधार कार्ड की छायाप्रति और विश्वविद्यालय के वेबसाईट बीएनएमयू डाॅट एसी डाॅट इन पर उपलब्ध प्रपत्र में लाईफ सर्टिफिकेट (बैंक से अभिप्रमाणित) जमा कराया गया। बचे हुए पेंशनधारी भी अविलंब वित्त विभाग में ये दोनों कागजात जमा कराएं।
मौके पर प्रति कुलपति प्रो. डॉ. फारूक अली, वित्त पदाधिकारी डॉ. एम. एस. पाठक, भवेश कुमार सिंह, विश्वनाथ साह, अभिनन्दन चौधरी, अवनीत कुमार, वैभव कुमार आदि उपस्थित थे।



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