संपादक- आर. कुमार
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत दो निजी बीएड कॉलेज छात्रों से अधिक फीस लेने के मामले में फंस गए हैं। छात्रों की शिकायत पर ईस्ट एंड वेस्ट कॉलेज सहरसा एवं एमपी कॉलेज चांदनी चौक की जांच करने पहुंची विवि टीम ने इस बात की पुष्टि की है कि कॉलेजों में विवि से निर्धारित शुल्क से अधिक फीस ली गई है। छात्रों से अधिक फीस लेना अब इन कॉलेजों को महंगा पड़ेगा। विवि सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि प्रशासन दोनों कॉलेजों के खिलाफ एनसीटीई को मान्यता रद्द करने के लिए अनुशंसा कर सकती है। हालांकि हाल-फिलहाल विवि की कमजोर कार्रवाई से अब आशंका होने लगी है कि कहीं यह मामला भी ले-दे कर रफा-दफा कर दिया जाएगा। जांच टीम ने उप -कुलसचिव स्थापना डॉ कपिलदेव प्रसाद, महाविद्यालय निरीक्षक सह कुलानुशासक डॉ अरुण कुमार यादव एवं छात्र संघ केंद्रीय कमेटी के सदस्य दिलीप कुमार दिल शामिल थे । ज्ञात हो कि सोमवार को सैकड़ों की संख्या में विवि पहुंचे छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए जम कर तोड़-फोड़ की थी। मौके पर ईस्ट एंड वेस्ट के 79 छात्र-छात्राओं ने कुलपति को लिखित रूप से आवेदन देकर कॉलेज में नामांकन व परीक्षा फार्म भरने के नाम पर जबरन अवैध वसूली का आरोप लगाया था। इसके बाद विवि ने जांच टीम को शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया।
विवि जांच टीम गुरुवार को ईस्ट एंड वेस्ट कॉलेज में जांच करने पहुंची। वहां छात्र-छात्राओं ने जांच टीम को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए कहा कॉलेज मनमानी कर रही है। प्रवीण कुमार रोल नंबर 90 ने बताया कि कॉलेज में नामांकन के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपए लिए गए। लेकिन कॉलेज तके केवल 80 हजार रुपए का रसीद दिया गया। विभा सिन्हा रोल नंबर 168 ने बतायी कि 80 हजार के बदले जबरन एक लाख रुपए कॉलेज में नामांकन के नाम पर लिया गया लेकिर रसीद 80 हजार का दिया गया है। वहीं कहानी शंकर कुमार रोल नंबर 167 ने जांच टीम के सामने बयां की। वहीं नूतन कुमारी रोल नंबर 105 से कॉलेज में₹95 हजार लेकर केवल 55 का रसीद दिया गया।
छात्रा रूपम कुमारी रोल नंबर 50 ने जांच टीम से कहा कि कॉलेज में फर्जी कागज पर पहले उपस्थिति बनाया जाता है। इसके बाद अनुपस्थित चार्ज छात्रों से वसूल किया जाता है। मौके पर जांच टीम ने छात्रों की शिकायत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीटीई के नियमानुसार वर्ग में 80 प्रतिशत अनिवार्य है। इसके बावजूद छात्रों को अनुपस्थित कर फाइन लगाना गलत है। मौके पर जांच टीम ने कॉलेज प्रबंधक को निर्देश देते हुए कहा कि 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों को परीक्षा फार्म भरने से वंचित नहीं किया जाए। वहीं उन्होंने कहा कि नामांकन के अलावा परीक्षा प्रपत्र भरने एवं अनुपस्थिति शुल्क विवि के अनुसार छात्रों से ले।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत दो निजी बीएड कॉलेज छात्रों से अधिक फीस लेने के मामले में फंस गए हैं। छात्रों की शिकायत पर ईस्ट एंड वेस्ट कॉलेज सहरसा एवं एमपी कॉलेज चांदनी चौक की जांच करने पहुंची विवि टीम ने इस बात की पुष्टि की है कि कॉलेजों में विवि से निर्धारित शुल्क से अधिक फीस ली गई है। छात्रों से अधिक फीस लेना अब इन कॉलेजों को महंगा पड़ेगा। विवि सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि प्रशासन दोनों कॉलेजों के खिलाफ एनसीटीई को मान्यता रद्द करने के लिए अनुशंसा कर सकती है। हालांकि हाल-फिलहाल विवि की कमजोर कार्रवाई से अब आशंका होने लगी है कि कहीं यह मामला भी ले-दे कर रफा-दफा कर दिया जाएगा। जांच टीम ने उप -कुलसचिव स्थापना डॉ कपिलदेव प्रसाद, महाविद्यालय निरीक्षक सह कुलानुशासक डॉ अरुण कुमार यादव एवं छात्र संघ केंद्रीय कमेटी के सदस्य दिलीप कुमार दिल शामिल थे । ज्ञात हो कि सोमवार को सैकड़ों की संख्या में विवि पहुंचे छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए जम कर तोड़-फोड़ की थी। मौके पर ईस्ट एंड वेस्ट के 79 छात्र-छात्राओं ने कुलपति को लिखित रूप से आवेदन देकर कॉलेज में नामांकन व परीक्षा फार्म भरने के नाम पर जबरन अवैध वसूली का आरोप लगाया था। इसके बाद विवि ने जांच टीम को शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया।
विवि जांच टीम गुरुवार को ईस्ट एंड वेस्ट कॉलेज में जांच करने पहुंची। वहां छात्र-छात्राओं ने जांच टीम को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए कहा कॉलेज मनमानी कर रही है। प्रवीण कुमार रोल नंबर 90 ने बताया कि कॉलेज में नामांकन के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपए लिए गए। लेकिन कॉलेज तके केवल 80 हजार रुपए का रसीद दिया गया। विभा सिन्हा रोल नंबर 168 ने बतायी कि 80 हजार के बदले जबरन एक लाख रुपए कॉलेज में नामांकन के नाम पर लिया गया लेकिर रसीद 80 हजार का दिया गया है। वहीं कहानी शंकर कुमार रोल नंबर 167 ने जांच टीम के सामने बयां की। वहीं नूतन कुमारी रोल नंबर 105 से कॉलेज में₹95 हजार लेकर केवल 55 का रसीद दिया गया।
छात्रा रूपम कुमारी रोल नंबर 50 ने जांच टीम से कहा कि कॉलेज में फर्जी कागज पर पहले उपस्थिति बनाया जाता है। इसके बाद अनुपस्थित चार्ज छात्रों से वसूल किया जाता है। मौके पर जांच टीम ने छात्रों की शिकायत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीटीई के नियमानुसार वर्ग में 80 प्रतिशत अनिवार्य है। इसके बावजूद छात्रों को अनुपस्थित कर फाइन लगाना गलत है। मौके पर जांच टीम ने कॉलेज प्रबंधक को निर्देश देते हुए कहा कि 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों को परीक्षा फार्म भरने से वंचित नहीं किया जाए। वहीं उन्होंने कहा कि नामांकन के अलावा परीक्षा प्रपत्र भरने एवं अनुपस्थिति शुल्क विवि के अनुसार छात्रों से ले।



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