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रविवार, 8 अगस्त 2021

कॉलेज कैम्पस: कृर्ति नारायण मंडल सादा जीवन एवं उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थे...

● Sarang Tanay@Madhepura.
मधेपुरा/बिहार: महामना कीर्ति नारायण मंडल एक महान शिक्षाविद्, सजग समाजनिर्माता एवं लोककल्याणार्थ समर्पित संत थे। उनका संपूर्ण जीवन प्रेरणादायी है। उक्त बातें  हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डाॅ. वीणा कुमारी ने कही। वे शनिवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में महाविद्यालय के संस्थापक कीर्ति नारायण मंडल के जन्मोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि कीर्ति नारायण मंडल सादा जीवन एवं उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थे। उनमें प्रेम, करूणा, सेवा जैसे ईश्वरीय गुण भरे हुए थे।
उन्होंने कहा कि कीर्ति बाबू ने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा-जागरण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने जीवन का एक-एक क्षण, उनके हृदय की प्रत्येक धड़कन और उनकी संपत्ति का कण-कण समाज को दान दे दिया।
मुख्य वक्ता बीएनमुस्टा के महासचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि कीर्ति नारायण मंडल महात्मा बुद्ध के जैसे गृहत्यागी, कबीर जैसे फक्कड़, था। महात्मा गाँधी जैसे सत्याग्रही और मदन मोहन मालवीय की तरह शिक्षा के प्रचारक थे। 
उन्होंने कहा कि कीर्ति बाबू ने समाज को शिक्षित करने के लिए दर्जनों शैक्षणिक संस्थान का निर्माण किया। उनके बनाए शिक्षण संस्थानों से आज हजारों छात्र पढ़ लिखकर अच्छे-अच्छे पदों पर देश की तरक्की में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कृति बाबू कर्म पर विश्वास करते थे। उनकी कीर्ति आज भी जिंदा है और सदियों तक इस समाज को आलोकित करती रहेगी। 
उन्होंने कहा कि कीर्ति बाबू प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तब मानी जाएगी, जब हम उनके विचारों एवं कार्यों का अनुकरण करें। हमें हमेशा यह याद रहे कि कीर्ति नारायण मंडल को पूजनीय नहीं, बल्कि अनुकरणीय हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ.के.पी. यादव ने कहा कि व्यक्ति की यश एवं कीर्ति उन्हें अमर बना देती है। महामना कीर्ति नारायण मंडल भी अपनी यश एवं कीर्ति से अमर हो गए गए हैं। 
उन्होंने कहा कि कीर्ति को पढ़ना आसान है, समझना मुश्किल है। कीर्ति के कार्यों को जीवन में उतारना और भी मुश्किल है। 
उन्होंने कहा कि कीर्ति बाबू दधीची थे। उन्होंने शिक्षा के उन्नयन के लिए अपना सर्वस्व दान कर दिया। मधेपुरा में सैद्धांतिक महान लोगों की कमी नहीं है। लेकिन कृति नारायण मंडल व्यवहारिक रूप से महान व्यक्ति थे। 
उन्होंने कहा कि हम सबों को कीर्ति बाबू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
इसके पूर्व सभी लोगों ने विज्ञान परिसर स्थित कीर्ति नारायण मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि की। साथ ही उनके सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत परीक्षा नियंत्रक डॉ. मिथिलेश कुमार अरिमर्दन ने किया। संचालन पीआरओ डॉ. सुधांशु शेखर और धन्यवाद ज्ञापन सिंडिकेट सदस्य डॉ. जवाहर पासवान ने की। इस अवसर पर कीर्ति बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक पुस्तक के प्रकाशन का निर्णय लिया गया।
  इस अवसर पर भौतिकी विभाग के डाॅ. शिवनंदन कुमार, एनएसएस पदाधिकारी डाॅ. स्वर्ण मणि, बी.एड. एचओडी डाॅ. जावेद अहमद,  डॉ. कुंदन कुमार सिंह, डॉ. आशुतोष झा, अमित कुमार, डाॅ. आशीफ अली, बिनती राज, एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट गुड्डु कुमार, डाॅ. सुभाष पासवान, डाॅ. अशोक कुमार अकेला, विवेकानंद, मणीष कुमार, सौरभ कुमार चौहान,  आलका कुमारी, स्वाति रानी, सोनी भारती, ज्योति कुमारी, शिवानी कुमारी, रिया राज, अंशु कुमारी आदि उपस्थित थे।।

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