◆सारंग तनय@मधेपुरा(बिहार)।
मधेपुरा/बिहार: बुधवार को बीएनएमयू के पुराने कैम्पस में शोधार्थियों की एक बैठक हुई। जिसमे पैट -2019 परीक्षा के नौ माह गुजर जाने के बाद भी मार्क्सशीट नहीं मिलने और कोर्स वर्क की परीक्षा की सुगबुगाहट नहीं होने पर गंभीरता से चर्चा हुई । बैठक में एक स्वर में सभी शोधार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की यह लचर व्यवस्था और लेट लतीफी छात्र हित में सही नहीं है। अगर अविलंब इसको लेकर कारगर पहल नहीं की गई तो उनलोगों की हालत भी 2011 बैच के शोधार्थियों जैसी हो जाएगी। बैठक के बाद शोधार्थियों ने कुलपति से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपते हुए उक्त मांग पर अविलंब पहल की मांग की। लगभग एक घंटे तक चले बैठक में कई बार माहौल बिगड़ता नजर आया । कुलपति और शोधार्थियों के बीच तीखी नोक- झोंक की नौबत आ गई जिसे शांत कराया गया। शोधार्थी अपनी मांग पर अडिग थे कि उन्हें हर हाल में मार्क्सशीट मिले , आखिर बार -बार उन्हें दिलाशा क्यों ? उनका कहना था कि कोर्स वर्क आगे पीछे शुरू करने के बहाने की आर में सेमेस्टर (कोर्स वर्क) को और लंबा नहीं किया जा सकता ,इससे आगे की प्रक्रियाओं में काफी अड़चने आएगी। वार्ता के दौरान कुलपति ने स्वीकार किया कि मार्क्सशीट मिलने में देर हुई है ।
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अंकपत्र सम्बन्धित विभाग को भेज दिया जाएगा ,साथ ही कोर्स वर्क सिलेबस का हिस्सा एक माह का कम्प्यूटर क्लास के कोर्स को पूरा कराते हुए मई के प्रथम सप्ताह में हर हाल में कोर्स वर्क की परीक्षा ले ली जाएगी। इस दौरान सबों ने कुलपति से मांग किया कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता हो, एक दूसरे पर काम थोपने की प्रथा बन्द हो । शोधार्थियों ने इस दौरान यह भी साफ किया कि अब अगर विश्वविद्यालय द्वारा विलम्ब हुआ तब क्रमबद्ध आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा। बैठक और कुलपति से मिलने वाले शोधार्थियों में मुख्य रूप से रिसर्च स्कॉलर सारंग तनय, मो वसीमउद्दीन ,हर्षवर्धन सिंह राठौर , सौरभ कुमार ,सोनू यादव, दिलीप कुमार दिल, माधव कुमार, अक्षय सिद्धार्थ, राजेश रंजन, हिमांशु कुमार, नीरज यादव , निशांत यादव ,विवेक कुमार, शंकर सुमन, लक्ष्मण कुमार, सहित अन्य मौजूद थे।।।


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