●सारंग तनय@मधेपुरा।
मधेपुरा/बिहार: दर्शन परिषद्, बिहार के संयुक्त मंत्री एवं आयोजन सचिव सह बीएनएमयू के जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों को पत्र लिखकर 42 वें वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन के स्थगन की सूचना दी है।
बिहार सरकार एवं राजभवन, पटना द्वारा जारी निदेशों के आलोक में कोरोना वायरस के खतरों के प्रति एहतियात बरतते हुए बीएनएमयू में 20-22 मार्च को सुनिश्चित दर्शन परिषद्, बिहार का 42 वाँ वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन तत्काल स्थगित कर दिया गया है। आयोजन की नई तिथि कोरोना से संबंधित खतरों के टलने के बाद घोषित की जाएगी और हर संभव माध्यमों से संबंधित व्यक्तियों को सूचित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्यक्रम में शामिल होने को इच्छुक सभी शिक्षक एवं शोधार्थी परिस्थितियों को समझेंगे और पूर्ववत आशीर्वाद एवं प्रेम बनाए रखेंगे। आयोजन समिति अधिवेशन के सफल आयोजन और सभी प्रतिभागियों के शानदार आतिथ्य हेतु प्रतिबद्ध एवं तत्पर है। नई तिथि में भी सभी प्रतिभागियों के आगमन की प्रतीक्षा रहेगी।
●तीन सौ से अधिक प्रतिभागी:
अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष द्वय ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य प्रो. (डाॅ.) के. पी. यादव एवं दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) ज्ञानंजय द्विवेदी ने बताया कि यह अधिवेशन बीएनएमयू में पहली बार होने जा रहा है। इसमें देश के लगभग तीन सौ शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अपना पंजीयन कराया है। सभी प्रतिभागियों को वाट्सप एवं ई. मेल. के माध्यम से भी कार्यक्रम स्थगन की सूचना दी गई है। यह अधिवेशन बीएनएमयू के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इन तमाम अतिथियों सहित सभी प्रतिभागियों से अपील की है कि वे आयोजन स्थगित होने से हुई असुविधाओं को भूलकर विश्वविद्यालय को पूर्ववत अपना सहयोग देते रहेंगे।।।


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